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पलामू: 500 से अधिक आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर, CS ने कंपनी को चेताया- भुगतान करें, नहीं तो करेंगे कार्रवाई

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Palamu: पलामू जिले में पिछले 9 दिनों से 500 से अधिक आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मी मानदेय भुगतान की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं. इससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है. कर्मियों को बहाल कर उनसे काम लेने वाली मेसर्स बालाजी डिटेक्टिव फोर्स लगातार उनकी मांगों को अनसुना करती आ रही है. ऐसे में पलामू के सिविल सर्जन डा. जॉन एफ कनेडी ने कंपनी को चेताते हुए जल्द भुगतान कराने का निर्देश दिया है.

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9वें दिन हड़ताल पर रहे कर्मी

रविवार को नौवें दिन जिले के चैनपुर, पाटन, पांकी और तरहसी के आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर रहे. अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य केंद्रों के दरवाजे पर धरना दिया. इस दौरान हड़ताली स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाती हैं, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी.

आउट सोर्सिंग के अनुबंधित स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल पर रहने के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हुई है. साफ-सफाई के साथ-साथ अन्य कार्य भी प्रभावित हुए हैं.

विडंबना तो यह है कि बकाया मानदेय का भुगतान कराने और समय पर मानदेय का भुगतान किये जाने जैसी बुनियादी मांगों को लेकर पिछले नौ दिनों से हड़ताल पर चल रहे स्वास्थ्यकर्मियों की सुध लेने भी अब तक कोई विभागीय पदाधिकारी नहीं पहुंचा है.

पदाधिकारियों की इस लापरवाह रवैये से हड़ताली स्वास्थ्यकर्मियों में नाराजगी है.

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14 महीने से है मानदेय भुगतान लंबित

बता दें कि रांची के बालाजी डिटेक्टिव फोर्स द्वारा अनुबंध पर प्रतिनियुक्त स्वास्थ्यकर्मियों को पिछले 14 महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है. ईद जैसे त्योहार के दौरान भी स्वास्थ्यकर्मियों को मानदेय नहीं मिला.

मानदेय नहीं मिलने से उनकी माली हालत काफी खराब है. काम करने के बाद भी दाम नहीं मिलने से स्वास्थ्यकर्मियों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.

विभागीय पदाधिकारियों के साथ-साथ जिले के उपायुक्त से भी मानदेय भुगतान कराने का गुहार लगा चुके स्वास्थ्यकर्मियों ने मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया है और हड़ताल पर हैं.

ये हैं प्रमुख मांगें

बकाया मानदेय का भुगतान कराने के साथ-साथ काम के बदले वेतनमान हर माह समय से देने, सभी स्वास्थ्यकर्मियों को पहचान पत्र उपलब्ध कराने, वेतन से कटने वाले पीएफ की सूची उपलब्ध कराने जैसी मांगें शामिल हैं.

धरना में धनन्जय कुमार, फगुनी देवी, जसीम अंसारी, कुंती देवी, रमेश पाल, मालती देवी, शीतलमणि देवी, नवल किशोर एवं दिलीप कुमार यादव समेत दर्जनों अधिक आउट सोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे.

मानदेय का जल्द करें भुगतान, नहीं तो कार्रवाई: सीएस

इस बीच रविवार को पलामू के असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सिविल सर्जन) ने आउटसोर्स अंतर्गत कार्यरत कर्मियों का मानदेय भुगतान का निर्देश मेसर्स बालाजी डिटेक्टिव फोर्स को दिया है.

उन्होंने पत्र जारी कर कहा है कि संस्था द्वारा पलामू जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आउटसोर्स अंतर्गत विभिन्न पदों पर कर्मी कार्यरत हैं. आउटसोर्स कर्मी कुछ स्वास्थ्य संस्थानों में 01 जून 2019 से हड़ताल पर चले गये हैं.

काम के बाद भुगतान नहीं होना अत्यंत गंभीर मामला

सीएस ने कहा है कि शिकायत मिली है कि काम करने के बावजूद भी कर्मियों का भुगतान नहीं किया जाता है, जो अत्यंत ही गंभीर मामला है. उन्होंने कर्मियों को अतिशीघ्र मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने और उसकी सूचना उपयोगिता प्रमाण पत्र के साथ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.

ससमय भुगतान नहीं किये जाने की स्थिति में श्रम नियोजन अधिनियम अंतर्गत निहित प्रावधान, आपराधिक मामला 420 दर्ज करने और एमओयू समाप्त करने हेतु सरकार के सचिव को पत्र देने की चेतावनी दी है.

सिविल सर्जन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ससमय भुगतान सुनिश्चि नहीं किये जाने पर किसी भी प्रकार के दंडनीय कार्रवाई की जायेगी. इससे संबंधित सूचना स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक प्रमुख, पलामू उपायुक्त और स्वास्थ्य सचिव को भी भेज दी है.

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