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#Palamu : लॉकडाउन में ऑनलाइन सुनवाई, घर बैठे सलमा को मिला न्याय, भरण पोषण के लिए प्रतिमाह मिलेंगे चार हजार रुपये

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Palamu : कोरोना (कोविड-19) के संक्रमण के कारण कई कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं. डिजिटल व्यवस्था को प्रभावी बनाया गया है. न्यायालय के बहुत जरूरी कार्यों को छोड़ कर सुनवाई और बहस ऑनलाइन हो रही है.

पलामू जिला व्यवहार न्यायालय के कुटुम्ब न्यायाधीश बीडी तिवारी ने गुरुवार को ऑनलाइन व्यवस्था के तहत घर बैठे एक महिला को न्याय दिया गया. अपने आवास से ‘जिप्सी’ के माध्यम से सुनवाई करते हुए मूल भरण पोषण वाद संख्या 167/2018 में विपक्षी जसीम अंसारी को पत्नी सलमा बीबी को चार हजार रुपये प्रतिमाह भरण पोषण की राशि देने का आदेश दिया है.

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विदित हो कि सलमा बीबी ने कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश बंशीधर तिवारी की अदालत में मूल भरण-पोषण वाद संख्या 167 सन 2018 दाखिल की थी, जिसमें अपने पति जसीम अंसारी से भरण-पोषण की राशि दिलाने की मांग की थी. कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने पहली बार अपने आवास पर सुनवाई की. सुनवाई के बाद आवेदिका सलमा बीबी को विपक्षी जसीम अंसारी द्वारा चार हजार रुपये प्रतिमाह आवेदन दाखिल करने की तिथि से भरण पोषण राशि देने का आदेश पारित किया.

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वकील ने भी घर से ही बहस की

आवेदिका के अधिवक्ता अनवार अहमद खां ने कहा कि पहली बार ‘जिप्सी’ के माध्यम से सुनवाई हुई और सलमा बीबी नामक महिला को न्याय दिया गया. उन्होंने बताया कि उन्होंने भी अपने घर से ही मामले में मोबाइल के माध्यम से बहस की. न्यायाधीश ने बहस से संतुष्ट होकर आवेदिका को आवेदन दाखिल करने के तिथि से विपक्षी को चार हजार प्रतिमाह भरण पोषण का राशि देने का आदेश पारित किया. पलामू में ऐसा पहली बार हुआ है. अब अन्य मामले में भी इसी प्रकार घर बैठे न्याय पाने की उम्मीद लोगों में जगी है.

विदित हो कि कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर पूरे देश में दो माह से लॉकडाउन है. लोगों का न्यायालय आना-जाना मुश्किल हो गया है. जरूरी मामलों में ही शारीरिक दूरी का पालन करते हुए सुनवाई की जा रही है. साथ ही न्यायाधीशों के द्वारा अपने आवास से ही ऑनलाइन सुनवाई कर मामले में आदेश पारित किया जा रहा है.

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