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पलामू: माइंस लीज रद्द करने की मांग पर ग्रामीणों ने घेरा समाहरणालय, मुखिया पर फर्जीवाड़े का आरोप

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Palamu: पत्थरों को बेचकर मोटी कमाई करने वाले माफिया पलामू जिले में काफी सक्रिय हो गए हैं. गरीबी और अशिक्षा का फायदा उठाकर दबंग पत्थर माफिया फर्जी तरीके से माइंस की लीज हासिल कर ले रहे हैं.

और लगातार प्रकृति संपदा का दोहन कर रहे हैं. जिससे गांवों में आफत आ गयी है. जिले छत्तरपुर के बाद नौडीहा बाजार प्रखंड क्षेत्र में फर्जी लीज माइंस कराये जाने के बाद इसके खिलाफ ग्रामीण गोलबंद हो गए हैं. मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने समाहरणालय का घेराव किया.

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घेराव के बाद सौंपा ज्ञापन

फर्जी माइंस लीज रद्द कराने की मांग को लेकर नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के तेलियाडीह गांव के ग्रामीणों ने उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया. घेराव के बाद उपायुक्त के नाम सदर अंचलाधिकारी रामनरेश सोनी को 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा.

योजना बनाओ अभियान के दौरान हुई फर्जी आमसभा

ग्रामीणों का आरोप है कि योजना बनाओ अभियान के तहत गत 24 अक्टूबर 2016 में ग्रामीणों की बैठक हुई थी. मुखिया राम चरित्र राम ने इसका नेतृत्व किया था.

ग्रामसभा की पंजी में योजना का नाम अंकित किया गया था, लेकिन पत्थर खनन लीज के लिए कोई योजना नहीं ली गयी. लेकिन मुखिया ने अवैध तरीके से पत्थर उत्खनन के कार्य हेतु योजना का नाम देकर गैरमजरूआ भूमि में पत्थर लीज की स्वीकृति दिला दी.

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फर्जी माइंस लीज रद्द करने के आवेदन पर कोई सुनवाई नहीं

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26 सितम्बर 2018 को जिले के उपायुक्त को आवेदन देकर फर्जी माइंस लीज रद्द करने की मांग की गयी. उपायुक्त के यहां से कार्रवाई के लिए आवेदन खनन कार्यालय को भेजा गया, लेकिन अबतक कोई सुनवाई नहीं हुई.

गत 9 नवम्बर 2018 को मुखिया द्वारा पत्थर उत्खनन को लेकर बैठक की गयी. जिसमें सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा सर्वसम्मति से पत्थर उत्खनन कार्य से संबंधित अनुमति को फर्जी बताया गया और निरस्त करने को कहा गया.

लेकिन मुखिया ने अपनी मनमानी दिखाते हुए खनन विभाग को दिग्भ्रमित किया गया और खनन चालू रखने का आवेदन दे दिया गया. इससे साफ पता चलता है कि मुखिया पत्थर माफिया के साथ मिलकर गांव को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं.

धड़ल्ले से हो रहा पत्थरों का खनन, सीओ का आदेश दरकिनार

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि करीब 4.5 एकड़ भूमि से पत्थर का अवैध खनन व उठाव धड़ल्ले से किया जा रहा है. जिसे आस-पास रह रहे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

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ग्रामीणों ने कहा कि नावाबाजार अंचलाधिकारी द्वारा ज्ञापांक 106 15.3.19 को नोटिस जारी कर लीजधारक और ग्रामीणों को दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था. और दस्तावेज की जांच होने तक उत्खनन कार्य पर रोक लगाने का निर्देश दिया था, लेकिन लीजधारक द्वारा अवैध रूप से पत्थर की ढुलायी की जा रही थी.

विरोध करने पर दी जा रही धमकी

ग्रामीणों ने कहा कि विरोध करने पर लीजधारक द्वारा ग्रामीणों को डराया-धमकाया भी जा रहा है. ग्रामीणों ने उपायुक्त से गैरमजरूआ भूमि पर की गये लीज पट्टे को रद्द कराने की मांग की है. उपायुक्त को ज्ञापन देने वालों में संतोष कुमार, अभिमन्यु प्रसाद, नंदलाल चैधरी, संदीप साव, अजय प्रसाद, रंजीत कुमार सहित कई लोग शामिल हैं.

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