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न भोजन की सुविधा न अध्ययन के साधन, कस्तूरबा की छात्राओं का फूटा आक्रोश

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Palamu : गरीब परिवार से आने वाली छात्राओं को आवासीय परिसर में ही शिक्षित करने के लिए प्रखंड स्तर पर कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित है. लेकिन वार्डन की मनमानी और नियमित विद्यालय की जांच नहीं होने के कारण छात्राओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जिले के चैनपुर कस्तूरबा विद्यालय में इंटर की छात्राएं इन दिनों वार्डन की मनमानी से त्रस्त हैं. उन्हें ना तो भरपेट भोजन दिया जा रहा है और ना ही पढ़ायी करने के संसाधन मुहैया कराये गए हैं. नतीजा सिर पर 12वीं की परीक्षा रहने के कारण उनकी परेशानी काफी बढ़ गयी है.

मुखर हुई छात्राएं, उपायुक्त से शिकायत 

लगातार परेशानी झेल रही छात्राएं मंगलवार को मुखर हो गयी और विद्यालय से निकलकर सीधे उपायुक्त कार्यालय पहुंच गयी. दर्जनों छात्राओं ने उपायुक्त डॉ. शांतनु कुमार अग्रहरि को आपबीती सुनायी. पूर्णिमा कुमारी, सोनी कुमारी, पुष्पा कुमारी, पूनम कुमारी, रीना कुमारी, खुश्बू कुमारी, सुहाना खातून, बेबी कुमारी, सुनीता कुमारी, प्रिया कुमारी, इंदू कुमारी, संध्या कुमारी, नेहा, प्रीति, नीतू, प्रतिमा सहित 31 छात्राओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि 12वीं परीक्षा होने वाली है, लेकिन अबतक ना तो उन्हें परीक्षा तैयारी से संबंधित किताबें (गैस पेपर), रफ कागज और प्रायोगिक परीक्षा की सामग्री ही मुहैया करायी गयी है. उनकी परेशानी को सुनने और समझने वाला कोई नहीं है.

जली हुई रोटियां और पानी की तरह मिलता है दाल

छात्राओं ने कहा कि उन्हें हर तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कभी नियमित भोजन नहीं मिलता. सुबह शाम जली हुई रोटियां, दोपहर में चावल दाल और सब्जी दी जाती है. लेकिन दाल की क्वालिटी काफी घटिया रहती है. पानी की तरह दाल दिया जाता है.

शिकायत नहीं सुनती वार्डन

छात्राओं ने कहा कि शिकायत करने पर वार्डन फूल कुमारी कमरे की दरवाजा बंद कर लेती हैं, जबकि पीटी टीचर शिकायत सुनने को तैयार नहीं होते. हर बार पीटी टीचर उन्हें शांत करने की चेतावनी देते हैं. यह भी कहते हैं कि जो मिल रहा है, उसी में संतुष्ट रहो. नियमानुसार स्कूल में पुरुष शिक्षक को पढ़ायी करने की अनुमति नहीं है, लेकिन पीटी टीचर के पति वहां लगातार रहते आ रहे हैं.

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दो दिनों में सौंपे जांच रिपोर्ट, होगी कार्रवाई : उपायुक्त

छात्राओं की शिकायत पर उपायुक्त डॉ. शांतनु कुमार अग्रहरि ने कहा कि इस सिलसिले में सदर एसडीओ नंदकिशोर गुप्ता को दो दिनों के भीतर जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है. जांच में चैनपुर बीडीओ अल्का कुमारी को भी साथ में शामिल रखने को कहा गया है. जांच रिपोर्ट आते ही कार्रवाई होगी. बालिका शिक्षा में किसी तरह लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

सुविधानुसार दी जा रही सेवाएं : वार्डन

छात्राओं के स्कूल छोड़कर उपायुक्त से शिकायत करने पहुंच जाने की सूचना मिलने पर वार्डन भी समाहरणालय पहुंची. उन्होंने कहा कि सुविधानुसार सारी सुविधाएं छात्राओं को दी जा रही हैं. परीक्षा तैयारी के लिए गेस पेपर अब तक स्कूल नहीं पहुंच पाया है. इस कारण उसका वितरण नहीं हो पाया है. नियमित और भरपेट भोजन नहीं मिलने की शिकायत पूरी तरह गलत है.

18 वर्ष पूरी करने वाली छात्राओं को दिलाएं मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का लाभ

उपायुक्त ने डीएसडब्लू को निर्देश दिया कि कस्तूरबा विद्यालय में जिन छात्राओं की उम्र 18 वर्ष हो गयी है, उन्हें मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का लाभ दिलाएं. इस योजना से जुड़ने के बाद छात्राओं को तत्काल 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी. इस राशि को छात्राएं आगे की पढ़ायी में खर्च कर सकती हैं.

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