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पलामू: 15 लाख का इनामी नक्सली गिरफ्तार, निशानदेही पर मिले 20 लाख कैश

Palamu: नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में झारखंड-बिहार पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का रिजनल कमिटी मेंबर और 15 लाख का इनामी मुराद उर्फ विनय यादव को गिरफ्तार किया गया है. उसके साथ उसके दो अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया है. इनमें नक्सली अमरेंद्र पासवान और इदरीस अंसारी शामिल हैं. दोनों नक्सलियों की गिरफ्तारी बिहार के औरंगाबाद जिले के दाऊदनगर थाना क्षेत्र के मायापुर से हुई है. शुक्रवार को औरंगाबाद में पलामू के एसपी चंदन कुमार सिन्हा और औरंगाबाद के एसपी ने इस मामले का खुलासा किया. मुराद उर्फ विनय यादव ने पुलिस को बताया कि वह साल 2003 से भाकपा माओवादी संगठन में सक्रिय रहा है. बिहार के औरंगाबाद, गया और झारखंड के सीमावर्ती पलामू के क्षेत्रों में अपने संगठन को मजबूत करने और साल 2014 से नक्सली संगठन का जोनल कमांडर और रीजनल कमांडर के रूप में नेतृत्व करता रहा है. विनय यादव के ऊपर कुल 54 मामले दर्ज हैं.
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पचरूखिया जंगल में लॉकर से बरामद हुए रुपये

मुराद उर्फ विनय यादव से पूछताछ के क्रम में पता चला कि नक्सली संगठन के द्वारा लेवी के रूप में वसूली गयी राशि को छकरबंधा के पचरूखिया के जंगल में शिकारी कुआं के आसपास छिपाकर रखा गया है, जिसके बाद पुलिस की टीम ने जमीन के नीचे गड़ा हुआ एक लॉकर को खोदकर निकाला और 20 लाख रुपये बरामद किया. बताया जाता है कि यह लॉकर को पूर्व नक्सली कमांडर संदीप यादव का था. संदीप गुप्त तरीके से इस लॉकर में लेवी की राशि सहित अन्य सामान रखता था. मुराद को इस संबंध में जानकारी थी. संदीप यादव की दो माह पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी.

पलामू के इन क्षेत्रों में था प्रभाव
मुराद का कार्य क्षेत्र पलामू जिले में हरिहरगंज, नौडीहा बाजार, पाटन, छतरपुर, बिश्रामपुर आदि थाना क्षेत्रों में था. इसके द्वारा इन इलाकों में कई बड़ी घटनाएं की गई है और लगातार माओवादी गतिविधियों में शामिल रहा है. पलामू पुलिस द्वारा माओवादियों पर काफी प्रभावी कार्यवाही किए जाने के बाद मुराद पलामू जिले को छोड़कर भाग गया था और बिहार के गया और औरंगाबाद इलाके में अपना आधार बना लिया था. पढ़ा लिखा होने के कारण यह नक्सलियों का प्रमुख थिंकटैंक रहा है.

एसआईबी की सूचना पर मिली सफलता
पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि झारखंड पुलिस की एसआईबी कई महीने से इसकी गतिविधियों की सूचना इकट्ठा कर रही थी. फिर सटीक सूचना पर जानकारी दी. औरंगाबाद पुलिस अधीक्षक को दी. बाद में सूचना के आधार पर पलामू और औरंगाबाद पुलिस के द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें ईनामी वह दुर्दांत नक्सली आरसीएम विनय यादव उर्फ मुराद जी उर्फ गुरु जी को गिरफ्तार किया गया.
मुराद सन 2005 में पाटन थाना क्षेत्र में पुलिस के साथ दो मुठभेड़ में शामिल रहा था. छतरपुर, हरिहरगंज में भी पुलिस के साथ इसकी मुठभेड़ हुई थी. हरिहरगंज ब्लॉक में विस्फोटक लगाकर उड़ाने की कार्रवाई की थी यह घटना वर्ष 2013 में हुई थी. हरिहरगंज के मंगरा बथान डैम के समीप भी पुलिस के साथ मुठभेड़ में शामिल था. विश्रामपुर थाना क्षेत्र के छोटकी कौड़िया में जोखन साव के घर में वर्ष 2014 में गोलीबारी कर टीपीसी के 12 उग्रवादियों की हत्या कर दी थी और उनके हथियार लूट लिए थे.

Sanjeevani

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