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पलामू : प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता के दोषी पाये गये मुखिया, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

विभाग ने कार्रवाई का आदेश भी दिया था, लेकिन नहीं हुआ आदेश का पालन

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Palamu : प्रधानमंत्री आवास योजनाओं में अनियमितता के कई मामले समाने आ चुके हैं. लाभुकों के चयन से लेकर राशि विमुक्त करने में कमीशन मांगने की शिकायत भी लाभुकों द्वारा ग्रामीण विकास विभाग को की जाती रही है. विभाग द्वारा जांच किये जाने पर लाभुक के चयन में फर्जी ग्रामसभा कर योग्य लाभुक को वंचित करने का मामला सामने आया है. ग्रामीण विकास विभाग को गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर जांच करायी गयी, जिसमें सगुना पंचायत के मुखिया अखिलेश पांडे दोषी पाये गये. वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारी पाटन को भी कारण बताओ नोटिस विभाग से दिया गया. लेकिन, कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ.

क्या है पूरा मामला

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पाटन प्रखंड में गड़बड़ी की गयी है. पलामू के पाटन प्रखंड अंतर्गत सगुना पंचायत में मुखिया द्वारा की गयी गड़बड़ी के मामले में ग्रामीण विकास विभाग ने संज्ञान लिया. उसके बाद विभाग की ओर से जांच करायी गयी. इसमें स्पष्ट हुआ कि सगुना पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना में भारी अनियमितता की गयी, जिसके बाद विभाग ने पलामू उपायुक्त को 11.9.2018 को आदेश दिया कि सगुना पंचायत के मुखिया अखिलेश कुमार पांडेय पर कार्रवाई की जाये. साथ ही बीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. विभाग की ओर से गठित जांच दल ने समीक्षा में पाया कि सगुना पंचायत में स्थायी प्रतीक्षा सूची का दीवार लेखन नहीं किया गया है. पंचायत भवन में मात्र आवास का लाभ पाये लाभुकों का दीवार लेखन कराया जा रहा था.

बीडीओ से मांगा जवाब

इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग ने पाटन बीडीओ से जवाब मांगा कि आवास योजना ग्रामीण के तहत तैयार स्थायी प्रतीक्षा सूची का सामुदायिक भवन या पंचायत भवन या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर दीवारों पर लेखन नहीं किया जा रहा. जांच जब शुरू हुई, तब प्रखंड में लाभुकों के नाम की सूची लगायी जा रही थी. इसका कारण बीडीओ से पूछा गया, जिसका जवाब प्रखंड विकास पदाधिकारी की ओर से विभाग को भेजा जा चुका है.

लाभुकों के चयन में मुखिया ने की गड़बड़ी

जांच में यह पाया गया कि सगुना के मुखिया अखिलेश कुमार पांडेय ने आवास योजना के लाभुकों के चयन में गड़बड़ी की. लाभुक वृंदा कुंवर का नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची से हटाने एवं आवास के लाभ से वंचित करने का मामला सामने आया. इस पर विभाग ने लाभुक को आवास का लाभ दिये जाने के साथ ही अगर विधवा हो, तो बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत कराने का आदेश दिया गया है.

पंचायती राज अधिनियम के तहत हो कार्रवाई

विभाग की ओर से 11.9.2018 को पलामू उपविकास आयुक्त को आदेश दिया गया, जिसमें कहा गया था कि लाभुकों में बरती अनियमितता के लिए सगुना मुखिया पर पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाये, जो पंचायती राज प्रभाग से की जाये. इस संबंध में विभाग ने पलामू उपविकास आयुक्त को भी पत्र दिया था.

क्या कहते हैं पाटन बीडीओ सोमनाथ बनर्जी

इस मामले पर पाटन बीडीओ सोमनाथ बनर्जी कहते हैं, “फर्जी ग्रामसभा करने के मामले में विभाग की ओर से नोटिस सगुना मुखिया अखिलेश कुमार पांडेय को दिया गया था. इस पर मुखिया ने भी विभाग को अपना जवाब भेज दिया है. वहीं, इस मामले में मुखिया पर विभाग की ओर से कार्रवाई करने को कहा गया था, जिस पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई. पाटन प्रखंड में अब तक 3000 आवास बने हैं. वहीं, 4222 कुल बनने हैं.”

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