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पलामू: लेस्लीगंज पहुंचा #MartyrAkhileshRam का पार्थिव शरीर, गम में डूबा गांव, पांच  अक्टूबर को अंतिम संस्कार

palamu : झारखंड की राजधानी रांची से सटे बुंडू के दशम फॉल के जंगलों में नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए झारखंड जगुआर के दो में से एक जवान अखिलेश राम पलामू के निवासी थे. लेस्लीगंज के कुंदरी निवासी अखिलेश राम ने मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों का डट कर सामना किया और तीन गोलियां लगने के बाद शहीद हुए.

अखिलेश पिछले छह वर्षों से जगुआर बटालियन के जवान थे. अखिलेश के शहीद हो जाने की सूचना आज सुबह लेस्लीगंज के चौकीदार ने परिजनों को उनके घर पर जाकर दी. सूचना मिलते ही अखिलेश की मां सारो देवी, पत्नी भारती देवी सहित परिवार के अन्य सदस्य दहाड़ मारकर रोने लगे. उनकी चित्कार से पूरा गांव गम में डूब गया है. सूचना मिलने पर उनके रिश्तेदार और गांव के लोग शहीद जवान के घर पहुंचे और परिजनों को ढाढंस बंधाया.

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दशम फॉल के जंगलों में एसटीएफ के जवानों की नक्सलियों से मुठभेड़ हो गयी

विदित हो कि शुक्रवार सुबह चार बजे दशम फॉल के जंगलों में एसटीएफ के जवानों की नक्सलियों से मुठभेड़ हो गयी. पुलिस को खूंटी जिले की सीमा से सटे डाकापीढ़ी जंगल और उसके आसपास के इलाकों में नक्सली मूवमेंट की सूचना मिली थी. ग्रामीणों की सूचना पर सुरक्षा बल के जवानों को नक्सलियों के खिलाफ अभियान के लिए वहां भेजा गया था.

सुबह चार से पांच बजे के बीच नक्सलियों के साथ जवानों की मुठभेड़ हो गयी, जिसमें जगुआर के दो जवान शहीद हो गये. मुठभेड़ के दौरान अखिलेश राम को तीन गोलियां लगी. उन्हें इलाज के लिए मेडिका ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया.

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मिलनसार थे शहीद अखिलेश

शहीद अखिलेश राम काफी मिलनसार थे. अखिलेश के पिता विफन मांझी ने बताया कि वर्ष 2013 में गढ़वा जिले में उनकी बहाली हुई थी. चार वर्ष पहले उनकी शादी भारती देवी के साथ हुई थी. उनकी एक दो साल की बेटी है. अखिलेश दो भाई थे. अखिलेश के बड़े भइया उमेश मांझी भी पुलिस की नौकरी में थे, लेकिन वर्ष 2016 में उनकी हत्या कर दी गयी थ. मामले को एक्सीडेंट करार दे दिया गया था. इधर, छोटा बेटा नक्सलियों से मुठभेड़ में शहीद हो गया. इस घटना से उनका परिवार पूरी तरह टूट गया है.

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अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी

रांची स्थित जगुआर कैम्प में श्रद्धांजलि देने के बाद शहीद अखिलेश के पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव लेस्लीगंज के कुंदरी के लिए भेजा गया. शुक्रवार की देर शाम शहीद का शव गांव पहुंचा. गांव में पार्थिव शव पहुंचने ही शहीद के अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी. शनिवार, पांच अक्टूबर की सुबह लेस्लीगंज के स्थानीय घाट पर शहीद जवान का अंतिम संस्कार किया जायेगा.

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