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पलामू : पारा शिक्षकों की हड़ताल से स्‍कूलों में लटके ताले

पारा शिक्षक और सरकार अपनी-अपनी जिद पर अड़े, कैसे होगा समाधान, आंदोलन पर डटे पारा शिक्षक     

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Palamu : पलामू सहित राज्य के 67 हजार से अधिक पारा शिक्षक हड़ताल पर हैं. इस वजह से स्कूलों में पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. एक ओर हड़ताली पारा शिक्षक अपनी मांग पर अड़े हुए हैं, तो दूसरी ओर सरकार भी सख्त रवैया अपनाई हुई है. सरकार ने सभी हड़ताली पारा शिक्षकों को 20 नवंबर तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया था, जिसे पारा शिक्षकों ने नहीं माना. पारा शिक्षक काम पर नहीं लौटे, उन्होंने अपने आंदोलन को और तेज कर दिया है.

टेट उत्तीर्ण अथवा सेवानिवृत शिक्षकों से ली जायेगी सेवा 

इधर, सरकार हड़ताली पारा शिक्षकों को हटाने की तैयारी कर रही है. सरकार वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुटी है. वैकल्पिक व्यवस्था के तहत रिटायर्ड शिक्षक, टेट पास अभ्यर्थी, बीएड और बीएलएड कर रहे छात्रों को तैनात करने की योजना बना रही है. जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मसूदी टुडू ने सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों में टेट उत्तीर्ण या 65 वर्ष से कम उम्र में सेवानिवृत होने वाले शिक्षकों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है.

उन्होंने अपने आदेश में कहा कि पारा शिक्षकों के सामूहिक रूप से हड़ताल पर चले जाने के कारण कुछ स्कूलों में पठन-पाठन का कार्य प्रभावित है. प्रभावित स्कूलों में हड़ताल अवधि में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्रभावित विद्यालय के पोषक क्षेत्र के टेट उत्तीर्ण प्रशिक्षित अथवा 65 वर्ष से कम उम्र के सेवानिवृत शिक्षक, जो सेवा देने को इच्छुक हो वैसे व्यक्तियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है. जिससे उनके नियोजन के लिए अग्रेत्तर कार्रवाई शुरु की जा सके. उन्होंने कहा कि प्राथमिक कक्षाओं के लिए 200 और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए 250 रुपये प्रति कार्य दिवस दिया जायेगा.

597 स्कूलों में आंशिक रूप से पढ़ाई ठप

पारा शिक्षकों के सामूहिक रूप से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने के कारण जिले के 597 स्कूलों में आंशिक रूप से पढ़ाई प्रभावित हो गयी है. हालांकि शिक्षा विभाग पूर्ण रूप से पारा शिक्षकों के भरोसे चल रहे स्कूलों में शिक्षकों को नियुक्त कर पढ़ाई चालू रखने के लिए प्रयासरत है. इस सिलसिले में पारा शिक्षकों को काम पर वापस लौटने का सरकारी अलटीमेटम 20 नवंबर को समाप्त हो गयी है. आज ईद मिलादुन्नबी का सरकारी अवकाश होने के कारण सरकारी स्कूलें बंद रही, इस वजह से आज पारा शिक्षकों पर कोई कार्रवाई संभव नहीं हो सकी.

22 से शुरू होगा जेल भरो अभियान

सरकार के रवैये से नाराज पारा शिक्षक अपने आंदोलन को और धार देने में लगे हैं. जिले में 22 नवंबर से पारा शिक्षक जेल भरो आंदोलन चलायेंगे. संबंधित थाना क्षेत्रों में पारा शिक्षक अपने परिवार के साथ रोटी दो, नहीं तो जेल दो अभियान चलायेंगे. इसके साथ ही पारा शिक्षक आगे की रणनीति बनाने में भी लगे हुए हैं. आगे ये लोग जनप्रतिनिधियों का घेराव और बहिष्कार करने का मन बना रहे हैं.

विपक्षी दलों का समर्थन

पारा शिक्षक के साथ सभी विपक्षी दल आ गए हैं, साथ ही कई जगहों पर मुखिया संघ भी इनके साथ खड़ी है. कांग्रेस पारा शिक्षकों की मांग के संमर्थन और बर्खास्त पारा शिक्षकों की बहाली करने समेत उनके उपर किए गए मुकदमें को वापस लेने की मांग को लेकर हर दिन प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं जेएमएम के नेता भी कई मौकों पर सरकार की खिंचाई और पारा शिक्षक के मांग को जायज बता चुके हैं.

सत्ता पक्ष का भी समर्थन

विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के आजसू ने खुले तौर पर पारा शिक्षकों के आंदोलन में शामिल होने की बात कही है. वहीं सत्ता पक्ष के भी कई मंत्री और विधायक उनके समर्थन में खुलकर सामने आए हैं.

विपक्ष के बहकावे में पारा शिक्षक

इधर, सरकार कह रही है कि पारा शिक्षकों की मांग नाजायज है. ये लोग विपक्षी दलों के बहकाबे में आकर आंदोलन कर रहे हैं. इन सबके बीच सवाल ये है कि क्या 67 हजार पारा शिक्षकों के बदले सरकार आनन फानन में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति कर लेगी, क्या इतनी जल्दी बहाली प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. बहाली कॉन्ट्रैक्ट पर होगी या फिर उसकी नियमावली क्या होगी, इतनी जल्दी ये सब कैसे संभव है, क्या सरकार एक साथ 67 हजार परिवार की नाराजगी झेलने के लिए तैयार है, क्योंकि अगले साल ही लोकसभा और विस का चुनाव है.

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