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पलामू : #Naxalite प्रभावित स्कूल में छह माह से लटका है ताला, बच्चों का भविष्य अंधकार में

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Palamu :  पलामू जिले के नक्सल प्रभावित और अभावग्रस्त नौडीहा बाजार प्रखंड क्षेत्र में एक विद्यालय पिछले छह माह से बंद है. इस कारण यहां के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है. जान लें कि नौडीहा बाजार प्रखंड के जमालपुर उत्क्रमित विद्यालय पिछले छह महीने से खुला ही नहीं है. एक भी शिक्षक स्कूल नहीं आते हैं. गांव के 50 से ज्यादा बच्चों के समक्ष शिक्षा पाने का संकट खड़ा   हो गया है. गांव के ज्यादातर बच्चे छोटे हैं. इस कारण वे दूसरे गांव में जाकर पढ़ाई नहीं कर पाते. पिछले लोकसभा चुनाव के समय इस स्कूल में पोलिंग बूथ बनाया गया था. उसके बाद से यह स्कूल बंद है और इसकी देखरेख करने वाले जिम्मेवार लोगों ने अपनी नजरें मोड़ ली हैं.

गांववासियों का कहना है कि झारखंड में इन दिनों मुख्यमंत्री रघुवर दास अपने  विकास कार्य का गुणगान करते फिर रहे है. सीएम के साथ-साथ भाजपा के छोटे-बड़े नेता भी सरकार की योजनाओं का बखान करने से पीछे नहीं रह पा रहे हैं, लेकिन पलामू में आकर यहां की जमीनी सच्चाई अगर आप देखेंगे तो नजारा इसके उलट दिखेगा. कहा कि जिले की शिक्षा व्यवस्था को देखने वाला कोई नहीं  है.

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थाना प्रभारी से विद्यालय खुलवाने का आग्रह

राज्य में कुछ दिनों के बाद विधानसभा चुनाव होना है. अगले कुछ दिनों में आदर्श आचार संहिता भी लग जायेगी. चुनाव को लेकर प्रशासनिक कवायद तेज हो गयी है. बूथ बनाये जा रहे हैं. बूथों के भौतिक सत्यापन के लिए आज नौडीहा बाजार के थाना प्रभारी विरेन्द्र पासवान जब इस स्कूल में पहुंचे तो इस मामले से पर्दा उठा. स्थानीय लोगों ने थाना प्रभारी से विद्यालय को पुनः चालू करवाने की गुहार लगायी. साथ ही पूरे मामले से भी अवगत कराया.

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उपायुक्त से करेंगे आग्रह, बीइइओ को करायेंगे अवगत: थाना प्रभारी

नौडीहा बाजार के थाना प्रभारी विरेन्द्र पासवान ने बताया कि वे जमालपुर उत्क्रमित विद्यालय में बने बूथ संख्या 312 का अवलोकन करने  पहुंचे,  तो वहां विद्यालय को बंद पाया. गांव के शिक्षक अरविंद पाठक से संपर्क किया,  तो पता चला कि एमपी इलेक्शन के बाद से विद्यालय बंद पड़ा है. कोई शिक्षक नहीं आता. विद्यालय में 45 बच्चे नामांकित है, जिनका भविष्य खराब हो रहा है. थाना प्रभारी ने कहा कि मामला गंभीर है. इस संबंध में जिले के उपायुक्त को जानकारी दी जायेगी और विद्यालय चालू कराने का आग्रह किया जायेगा. बीइइओ को भी अवगत कराया जायेगा.

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