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पलामू : विदेश भेजने के बहाने लाखों की ठगी, पुलिस से लगायी इंसाफ की गुहार

Palamu : बेरोजगारी का आलम ऐसा है कि पढ़े-लिखे युवक भी आसानी से ठग की जाल में फंस जाते हैं और अपनी गाढ़ी कमाई गवां देते हैं. बाद में पछतावा होता है और फिर कार्रवाई और मुकदमों में समय बीतने लगता है.

पलामू जिले में कुछ इसी तरह की घटना सामने आयी है. जिले के हैदरनगर थाना क्षेत्र के कबरा खुर्द गांव के युवकों से विदेश भेजने के लिए वीजा बनाने के बहाने लाखों की ठगी की गयी. अब ठग युवकों को पैसे देने से इंकार कर रहा है.

थके-हारे गांव के मो. समीमुद्दीन ने हैदरनगर थाना प्रभारी को आवेदन देकर ठग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगायी है. ठगी करने वाला युवक राजेश केरल में रहता है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.

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पांच युवकों से तीन लाख की ठगी

मो. समीमुद्दीन के द्वारा हैदरनगर थाना प्रभारी को दिए आवेदन में लिखा गया है कि केरल के पुथुपट्टी क्यामकुलम निवासी राजेश नाम के व्यक्ति का छह महीने पहले उसके बेटे शाहजहां से मोबाइल के जरिए संपर्क हुआ था.

राजेश ने सऊदी अरबिया में नौकरी दिलाने की बात कहकर उन्हें विश्वास में लिया. वीजा के नाम पर कबरा गांव के पांच लोगों से 60-60 हजार रुपये बैंक एकाउंट में भेजने को बोला. शाहजहां, सगीर अहमद, इस्ताक खान, रेहान खान, अफसर अहमद ने एसबीआई हैदरनगर से 60-60 हजार रुपये राजेश के बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए.

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जाली निकला वीजा

राजेश ने पैसा जमा होने के 20 दिन बाद सभी को डाक से वीजा की कॉपी भेज दी. लोगों ने जब वीजा के संबंध में पता किया तो वो फर्जी निकला. फर्जी वीजा मिलने के बाद कबरा के युवकों ने राजेश के मोबाइल पर कॉल किया तो उसने कहा कि वीजा सही है. बाद में उसने फोन बंद कर दिया. हालांकि एक बार फोन पर हुए बात पर उसने कहा कि वह पांच मई तक पैसा वापस कर देगा लेकिन उसने ऐसा किया नहीं.

मो. समीमुद्दीन ने बताया कि उसका बेटा शाहजहां पहले से ही सऊदी अरबिया के ओमान में नौकरी करता था. वह वीजा की अवधि खत्म हो जाने की वजह से घर आया था. इसी दौरान उसकी राजेश से वीजा को लेकर बात हुई थी. हालांकि राजेश द्वारा दिया गया वीजा गलत निकलने पर शाहजहां ने दूसरे जगह से वीजा बनवाया और वापस ओमान नौकरी करने चला गया. वहां वह मेकनिकल जाॅब पर है.

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ठग के गृह थाना में की गयी शिकायत

मो. समीमुद्दीन ने राजेश के गृह थाने को भी पूरा मामला बताया. वहां से उसे पता चला कि उसपर पहले से कई धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं. उल्लेखनीय है कि मो. समीमुद्दीन ने पांच मई 2019 तक पैसे वापसी के इंतजार किया और जब राजेश ने पैसे नहीं लौटाए तो हैदरनगर थाना में लिखित आवेदन दिया.

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जांच कर की जाएगी कड़ी कार्रवाई

हैदरनगर के थाना प्रभारी सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि उक्त मामले में उच्चाधिकारियों से विचार विमर्श के बाद कार्रवाई की जाएगी. इस संबंध में उन्होंने कहा कि लोगों को इस तरह के ठग से सावधान रहना चाहिए. विदेश भेजने के लिये निबंधित कार्यालयों पर ही भरोसा करें. किसी अनजान के झांसे में आकर पैसे का लेन देन न करें.

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