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#Palamu : लाभुकों को अंधेरे में रख कर बिचौलिये ने खाते से निकाले कृषि आशीर्वाद योजना के हजारों रुपये

Palamu : पलामू जिले के लेस्लीगंज प्रखंड के सोनेसरइ गांव में भोले-भाले ग्रामीणों को ठग बना कर कृषि आशीर्वाद योजना में एक बिचौलिये ने हजारों रुपये की निकासी कर ली है. लाभुकों को अंधेरे में रख कर उनके कागजात लिये गये और किसी के नाम पर 13 तो किसी के नाम पर 10 हजार रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की निकासी कर ली गयी. बिचौलिये ने 90 प्रतिशत राशि अपने पास रख ली है, जबकि 10 प्रतिशत की राशि प्रत्येक लाभुक को दिया है.

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तीन माह पुराना है मामला 

मामला दो-तीन महीने पूर्व का है. सोनेसरई के ही प्रसाद मांझी ने दर्जनों लाभुकों को धोखे में रखा. उनसे कागजात लिये और कृषि आशीर्वाद योजना तहत आये पैसों की निकासी करवा ली. प्रसाद मांझी ने लाभुकों को बताया कि उनके खाता में उसके आवास योजना के तहत लेबर पेमेंट का पैसा आया है.

पैसों की निकासी होने के बाद कुल राशि का 10 प्रतिशत राशि प्रत्येक लाभुक को दी जायेगी. लाभुकों को वास्तविकता की जानकारी नहीं थी. सारे लोग तैयार हो गये. सभी को बैंक-सीएसपी चलने के लिए तैयार किया और ले गया. पैसे निकालने के बाद प्रसाद मांझी ने प्रत्येक लाभुक को कुल राशि की 10 प्रतिशत राशि दी. सारे लोगों के खाते से मोबाइल बैकिंग और सीएसपी के माध्यम से पैसों की निकासी हुई.

मुखिया और थाना को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग

कुछ दिनों के बाद संबंधित लाभुक हकीकत से अवगत हुए. ग्रामीणों ने बताया कि कुछ माह पूर्व उनसे प्रसाद मांझी द्वारा आधार कार्ड और बैंक खाता मांगा गया था. उन्हें लगा मजदूर का पैसा उनके खाता में आया होगा, लेकिन हुआ उल्टा. सच्चाई सामने आने पर ग्रामीणों ने इसकी शिकायत हरतुआ की मुखिया खैरून बीवी एवं लेस्लीगंज थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर की.

आरोपी पैसे वापस करने को तैयार नहीं

मुखिया द्वारा मामले को पड़ताल की गयी तो प्रसाद मांझी ने कबूल किया है कि कृषि आशीर्वाद योजना की राशि उसने डलवायी थी. इसलिए पैसों पर उसका अधिकार है. 90 प्रतिशत पैसा हम रखे हैं और 10 परसेंट लाभुकों को दे दिया है.

जब मुखिया ने पैसा वापस करने की बात कही तो प्रसाद मांझी ने कहा कि मुझे यह सब काम करवाने में ऊपर तक खर्चा भी देना पड़ता है और जहां जाना है वहां जाइए, मेरा कुछ बिगड़नेवाला नहीं है.

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इनके नाम पर इतने पैसों की हुई निकासी

प्रमोद भुइयां के खाते से 10 हजार, बिरजू मोची से 13 हजार, गगन देव भुईयां के अकाउंट से साढ़े नौ हजार, रमेश भुईयां के खाते से पांच हजार, निरंजन भुईयां से चार हजार, दिनेश भुईयां नव हजार तीन सौ, राजमणि भुईयां एक हजार आठ सौ, उमेश भुईया 10 हजार दामोदर भुईयां आदि के खाते से पैसों की निकासी की बात कही जा रही है.

छानबीन करने पर गबन के कई अन्य मामले आ सकते हैं सामने

सोनेसरई की घटना की तरह अन्य गांवों में भी छानबीन की जाये जो कृषि आशीर्वाद योजना में फर्जी निकासी का मामला सामने आ सकता है. भूमिहीन किसानों को भी मोटी रकम कृषि आशीर्वाद योजना के तहत मिलना कहीं न कहीं हेरा फेरी का मामला सामने आता है. जांच पड़ताल की जाए तो प्रखंड के कई पदाधिकारियों की भी इस मामले में संलिप्तता सामने आ सकती है.

हालांकि सोनेसरई की घटना के बाद ग्रामीणों द्वारा लिखित शिकायत दर्ज कराकर स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रखंड प्रशासन से उचित कार्रवाई की गुहार लगायी गयी है. साथ ही आरोपी पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि ऐसी घटना दोबारा नहीं हो.

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