Palamu

पलामू: जेजेएमपी का सब जोनल कमांडर गिरफ्तार

Palamu: नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पलामू पुलिस को मंगलवार को बड़ी सफलता हाथ लगी. लंबे समय से फरार चल रहे उग्रवादी संगठन झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के सबजोनल कमांडर संतोष यादव को चैनपुर थाना क्षेत्र के कुर्का गांव से गिरफ्तार किया गया. संतोष पूर्व माओवादी भी रहा है. उसके खिलाफ एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस को इस नक्सली की लंबे समय से तलाश थी. वह बूढ़ा पहाड़ इलाके में रह चुका था. उसके पास से एक देसी लोडेड कट्टा बरामद किया गया है.

10 से ज्यादा मामलों में था वांटेड

पुलिस अधीक्षक इन्द्रजीत माहथा ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जेजेएमपी का सब जोनल कमांडर चैनपुर थाना क्षेत्र के कुर्का गांव के पास आने वाला है. इसी सूचना पर पुलिस ने उस रास्ते पर नाकाबंदी लगा रखी थी. एक संदिग्ध व्यक्ति को आते हुए देखा गया. पुलिस ने उसे रूकने का इशारा किया, लेकिन वह भागने लगा. पुलिस ने उसे दौड़ाकर पकड़ा और तलाशी लेने पर उसके पास से एक देसी कट्टा व जिन्दा कारतूस बरामद किया गया.

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार सब जोनल कमांडर गढ़वा जिले के रमकंडा थाना क्षेत्र के मंगराही गांव का रहने वाला है. उसके ऊपर 10 से ज्यादा अपराधिक मामले दर्ज हैं. करीब छः माह पहले वह जेल से छूटा है और अपनी आपराधिक गतिविधियां फिर से तेज कर दी थी. गिरफ्तार सब जोनल कमांडर पलामू के रामगढ़ और चैनपुर और गढ़वा क्षेत्र में जेजेएमपी के लिए कार्य कर रहा था.

पिछले वर्ष 28 नवम्बर को गढ़वा जिले के भंडरिया थाना क्षेत्र के फकीराडीह में सड़क निर्माण कार्य में लगे मुंशी और मजदूरों के साथ मारपीट की थी और सड़क निर्माण कार्य में लगे मशीन में तोड़फोड़ की थी.

अपने दो साथियों की कर दी थी हत्या

श्री माहथा ने कहा कि 25 जनवरी 2016 में संतोष यादव ने अपने साथियों छोटे लाल यादव, संजय यादव, अविनाश, अंकुर यादव के साथ मिलकर अपने ही संगठन के साथियों चंचल एवं कमलेश पासवान की हत्या कर दी थी और शवों को चांदो रोड में रजहरा गांव के पास फेंक दिया था. उन्होंने बताया कि पुलिस संतोष यादव को पिछले कई माह से तलाश कर रही थी. वह बूढ़ापहाड़ इलाके में कई घटनाओं को भी अंजाम दिया था.

गिरफ्तारी अभियान में अपर पुलिस अधीक्षक अभियान अरूण कुमार सिंह, डीएसपी-1 सूरजीत कुमार, सहायक अवर निरीक्षक ओंप्रकाश के अलावा जिला पुलिस और सीआरपीएफ के जवान शामिल थे.

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