JharkhandPalamu

पलामू : वन विभाग की लापरवाही से पैर का जख्म बना नासूर, दो माह से बीमार है ‘सीता’ हथिनी

Palamu : एशिया प्रसिद्ध पलामू टाइगर रिजर्व अंतर्गत बेतला नेशनल पार्क आने वाले सैलानियों को अपनी पीठ पर बैठाकर घुमाने वाली हथिनी ‘सीता’ पिछले दो माह से बीमार है. उसके चारों पैर में जख्म हो गए हैं. जख्म के कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गयी है. बीमारी के कारण काफी दुर्बल होने से उसके बच्चे का भी बुरा हाल है. बच्चे को उसके मां का दूध नहीं मिल पा रहा है.

दरअसल, लंबे समय तब बेतला में अपनी सेवा देने के बाद बूढ़ी को चुकी हथिनी ‘अनारकली’  की मौत हो गयी. पार्क में केवल जूही और राखी ही बच गयी है. उनके अकेलेपन को दूर करने के लिए और पर्यटकों को पार्क का सैर कराने के लिए वन विभाग द्वारा कर्नाटक से तीन हाथी (दो नर और एक मादा) मंगाये गये. पार्क आने पर मादा हथिनी ‘सीता’ ने पर्यटकों की सेवा की, लेकिन इसी बीच वह बीमार पड़ गयी.

advt

इसे भी पढ़ेंःइप्टा के 75 वर्ष पूरे, झारखंडी कलाकार 75 नगाड़ों की धुन के साथ करेंगे कार्यक्रम का आगाज

‘सीता’ कैसे पड़ी बीमार ?

बेतला नेशनल पार्क आए एक सैलानी ने बीमार सीता का हाल-चाल जाना. उसकी देखभाल कर रहे महावत से जब पर्यटक द्वारा बात की गयी तो चैकाने वाले कई खुलासे हुए. बाद में पर्यटक द्वारा बातचीत का वीडियो वायरल किया गया. पर्यटक को जानकारी देते हुए महावत ने बताया कि हाथी को लाने के बाद उसकी शरणस्थली तक नहीं तैयार की गयी. बारिश के मौसम में हाथी को सुरक्षित जगह पर नहीं रखा गया. पानी में लंबे समय पर पैर के रहने के कारण उससे जख्म हो गए. एक-एक करके उसके चारो पैर जख्म से प्रभावित हो गए. हालांकि बाद में पशु चिकित्कसों द्वारा इलाज शुरू किया और जख्म ठीक करने की कोशिश की जा रही है.

इसे भी पढ़ेंःपलामू: पति ने की पत्नी की हत्या, 10 दिन पहले ही जेल से छुटा था आरोपी

15 दिनों में ठीक हो जायेगी ‘सीता’ हथिनी : रेंजर

बेतला क्षेत्र के रेंजर नथूनी सिंह ने दूरभाष पर बताया कि ‘सीता’ हथिनी का इलाज पिछले 30 अगस्त से शुरू किया गया है. चारों पैर में गहरे जख्म होने के कारण उसके इलाज में समय लग रहा है. तीन पैर के घाव ठीक हो गए हैं, लेकिन पिछले एक पांव का जख्म भरने में 10 से 15 दिनों का समय लग सकता है. जख्म ज्यादा होने के कारण कुछ दिन पहले तक सीता खाना नहीं खा रही थी, लेकिन इधर कुछ दिनों से भोजन ले रही है. बेतला पार्क में सीता हथिनी सहित पांच हाथी हैं. इसमें एक नर हाथी कालभैरव, सीता का बच्चा मृगसेन, जूही और राखी.

इसे भी पढ़ेंःसीबीआई मुख्यालय सील, एम नागेश्वर राव बने नये डायरेक्टर, वर्मा व अस्थाना भेजे गये छुट्टी पर

करोड़ों खर्च के बावजूद हाथी का शेड नहीं बनना हास्यास्पद

बेतला घूमने आए पर्यटकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि बेतला नेशनल पार्क में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन हाथियों को रखने के लिए तीन से चार महीने बाद भी शेड नहीं बनाया गया, जो हास्यास्पद है. शरणस्थली के अभाव में आज एक हाथी पैर के जख्म से बुरी तरह प्रभावित है. पर्यटकों ने यह भी कहा कि आखिर इतने पैसे कहां खर्च किए जाते हैं ?

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: