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पलामू : किसान आंदोलन के समर्थन में भाकपा ने घेरा समाहरणालय, 15 सूत्री मांग पत्र डीसी को सौंपा

Palamu : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी पलामू जिला परिषद के द्वारा किसानों के सवाल पर पलामू समाहरणालय का घेराव किया. उपायुक्त पलामू कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन एवं घेराव करते हुए दोनों गेट को 2 घंटे तक जाम रखा गया. इस क्रम में सरकार विरोधी नारेबाजी की गई. इससे पहले रेड़मा स्थित पार्टी कार्यालय से जुलूस निकालते हुए भाकपा कार्यकर्ता छःमुहान से होकर शहर का भ्रमण करते हुए समाहरणालय परिसर में पहुंचे, जहां सभा की गयी.

सभा को संबोधित करते हुए राज्य कार्यकारिणी सदस्य सह किसान सभा के पलामू जिला अध्यक्ष सूर्यपत सिंह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी अपने को किसान हितैषी कहते हैं और तीन कृषि सुधार कानून तथा भूमि अधिग्रहण संशोधन अधिनियम बनाकर किसानों को अपने दोस्त कॉरपोरेट घराने अडानी, अंबानी के गुलाम बनाने पर तुले हुए हैं.

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किसान विरोधी तीनों काला कानून को रद्द करने के लिए किसान आंदोलन रत है और इसमें 600 किसानों की अबतक मृत्यु हो गई.

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भाकपा के जिला सचिव रूचिर कुमार तिवारी ने कहा कि मोदी जी के राज में कॉरपोरेट और अमीर मालामाल हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किसान, गरीब मजदूर और गरीब होते जा रहे हैं.

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वहीं राज्य सरकार स्थानीय नियोजन नीति नियमावली में हिंदी, मगही भोजपुरी, भाषा को हटा कर यहां के नौजवानों और छात्रों को बेरोजगार करने पर लगी हुई है. अगर यही स्थिति रही तो पलामू प्रमंडल में विधायकों और सांसदों को प्रवेश भी नहीं करने दिया जाएगा.

सभा को कृष्ण मुरारी दुबे, जितेंद्र सिंह, सुरेश ठाकुर, मृत्युंजय तिवारी आदि लोगों ने संबोधित किया. सभा मे एआईएसएफ के जिला अध्यक्ष सुजीत पांडे उर्फ विदेशी पांडे, नौजवान संघ के उपाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, जनेश्वर भुइयां, प्रभु साहू, फेकन उरांव, मनाजरूल हक, पूरन चंद साव, चलितर भुइयां, राजेंद्र बैठा, कामेश्वर सिंह सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे. सभा के अंत में 15 सूत्री मांग पत्र उपायुक्त पलामू से मिलकर सौंपा गया.

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