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पलामू: पारा शिक्षिका के नाम पर चल रही अवैध नमकीन फैक्टरी सील, शिक्षिका व पति पर केस, दोनों फरार

Palamu :  पलामू जिले के छतरपुर में अवैध रूप से चल रही नमकीन फैक्टरी को सील कर दिया गया है. इस सिलसिले में पारा शिक्षिका कंचन कुमारी और उसके पति रंजीत कुमार गुप्ता के खिलाफ छतरपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी पति-पत्नी फरार हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है.

विदित हो कि तीन दिन पूर्व छतरपुर में प्रखंड के एनएच 98 के किनारे पैक्स गोदाम के सामने अवैध मिक्चर (नमकीन) फैक्टरी पकड़ी गयी थी. अवैध होने के प्रमाण मिलने के बाद भी खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार ने फैक्टरी सील नहीं की थी. संचालक को 10 दिनों के भीतर वैद्य कागजात दिखाने का निर्देश दिया था. लेकिन जैसे ही खबर सामने आयी, उपायुक्त ने गंभीरता दिखायी और फैक्टरी सील कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया. प्राथमिकी भी दर्ज कराने का आदेश उपायुक्त ने दिया था.

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इंतजार करते रहे नहीं पहुंचे संचालक

आदेश के आलोक में छतरपुर के एसडीपीओ शंभू कुमार सिंह, फूड सेफ्टी अफसर मनोज कुमार, मजिस्ट्रेट सह छतरपुर बीडीओ तेज कुमार हस्सा और थाना प्रभारी उपेन्द्र नारायण सिंह फैक्टरी परिसर में पहुंचे. फैक्टरी उस समय बंद थी. सभी तीन घंटे तक संचालक का इंतजार करते रहे, लेकिन ना तो पारा शिक्षिका कंचन कुमार मौके पर पहुंची और ना ही रंजीत कुमार गुप्ता. हालांकि बाद में फैक्टरी का ताला तोड़ा गया और एक-एक करके सभी कमरों और फिर दरवाजे को सील कर दिया गया.

बड़ी कंपनियों के रैपर में भरे जाते थे मिक्चर और नमकीन

फैक्टरी में बड़ी कंपनियों के रैपर में मिक्सचर, नमकीन, रिफाइन, बेसन सहित अन्य खाद्य सामग्री महंगी कीमत पर तैयार की जा रही थी. पिछले एक वर्ष से फैक्टरी चलायी जा रही थी. झारखंड के कोडरमा स्थित नवृति फूड्स के नाम पर मिक्सर और नमकीन बनाकर छतरपुर और उसके आसपास के बाजारों में बेचा जाता था. इसके अलावा इमामी कंपनी के रैपर का भी इस्तेमाल किया जाता था. कार्रवाई के दौरान मौके से इस कंपनी के कई रैपर जले मिले थे.

कार्रवाई के दौरान संचालक फैक्टरी संचालन के वैध कागज प्रस्तुत नहीं कर पाया था. कारखाना में किसी तरह की पैकेजिंग की एनओसी नहीं दिखाई गई और ना ही लाइसेंस. फैक्टरी परिसर में साफ-सफाई तथा कर्मियों के द्वारा मास्क का उपयोग भी नहीं किया जा रहा था. और ना ही इस परिसर में शौचालय की व्यवस्था थी. सरकार के राजस्व का तथा लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था.

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पारा शिक्षिका के नाम पर थी फैक्टरी

मिक्सर फैक्टरी पारा शिक्षिका कंचन कुमार के नाम से चल रही थी. फैक्टरी चलाने के सिलसिले में छतरपुर के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने पारा शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. बीईओ ने कहा है कि कोई भी पारा शिक्षक अधिकृत रूप से किसी तरह की फैक्टरी नहीं चला सकते हैं. उसमें भी अवैध फैक्टरी चलाना या नकली सामान बनाना तो गैरकानूनी भी है. नोटिस का जवाब आने के बाद शिक्षा विभाग अग्रेत्तर कार्रवाई करने की तैयारी में है.

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