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पलामू: कोयल नदी से बेरोक टोक बालू का अवैध उठाव, प्रशासन मौन, बिहार हो रही है तस्करी 

Palamu : पलामू जिले के उंटारी रोड थाना क्षेत्र में कोयल नदी से इस दिनों बेरोक टोक बालू का अवैध उठाव हो रहा है. प्रखंड के सतबहिनी गांव के स्वास्थ्य उपकेंद्र के समीप मैदान में दिन और रात अवैध बालू डंप किया जा रहा है और वहां से ट्रक और हाइवा में भरकर बाहर भेजा जा रहा है. यह धंधा एक सप्ताह से चल रहा है. यहां का न तो स्टोरेज का रजिस्ट्रेशन कराया गया है और न ही लीज कराया गया है. केवल स्थानीय पुलिस प्रशासन को मैनेज कर बालू माफिया खुलेआम सरकारी संपत्ति लूट रहे हैं. इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है.

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नीचे से ऊपर तक भारी सेटिंग की संभावना

चर्चा है कि ऊपर के पदाधिकारी भी इसमें संलिप्त हैं, जिसके कारण ही दिनदहाड़े अवैध धंधा एनजीटी के रोक के बाद भी खुलेआम चल रहा है. हालांकि 15 अक्टूबर के बाद एनजीटी का रोक समाप्त हो जाता है, लेकिन बिना लीज यह धंधा बदस्तूर जारी है.

डीआईजी का निर्देश बेअसर

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मामले में पलामू रेंज के डीआईजी से भी शिकायत की गयी थी. शिकायत के बाद डीआईजी ने जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया था. मामले में जानकारी मिली है कि एक इंस्पेक्टर रैंक के पुलिस अधिकारी ने मामले में जांच की, लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. इधर सूचना मिली है कि रेहला थाना के समीप भी बालू डंप किया जा रहा है.

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बिहार जा रहा है सारा बालू

कोयल नदी से जैसे तैसे बालू उठाव कर ट्रक और हाइवा में लोड कर बिहार भेजा जा रहा है. सतबहिनी से लोड होने के बाद बालू हैदरनगर, हुसैनाबाद, दंगवार के रास्ते बिहार जा रहा है. एक अनुमान के अनुसार प्रत्येक दिन 15 से 20 बड़े वाहन बालू का उठाव होता है.

छोटे वाहनों पर कार्रवाई, बड़े पर मेहरबानी

ग्रामीणों का आरोप है कि नदियों से ट्रैक्टर आदि लगाकर बालू उठाव करने पर पुलिस और सिविल प्रशासन तत्काल कार्रवाई करता है, लेकिन बड़े मालवाहक ट्रक और हाइवा लगाकर बालू उठाने पर मेहरबानी दिखायी जाती है. प्रशासन गरीबों पर चाबूक चलाने से पीछे नहीं हटता, जबकि बालू माफिया पर कार्रवाई नहीं करता. ट्रैक्टर आदि लगाकर बालू उठाव प्रधानमंत्री आवास सहित अन्य योजनाओं में जरूरत के हिसाब से किया जाता है, जबकि ट्रक और हाइवा से बालू की तस्करी उससे मोटी रकम कमायी जाती है.

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