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पलामू: सरकारी की जगह निजी अस्पताल लाकर मरीज का इलाज कर 28 हजार का बिल थमाने पर ‘Heal Wave’ अस्पताल सील

Palamu : मेदिनीनगर सदर अस्पताल में इलाज कराने आए एक मरीज को हतोत्साहित कर अपने निजी अस्पताल में इलाज करने और उसे भारी भरकम बिल थमा देने के आरोप में शनिवार को ड़ॉ. हरिओम के जेलहाता स्थित हील वेब अस्पताल को सील कर दिया गया.

प्रशिक्षु आइएएस अधिकारी डॉ आशीष अग्रवाल ने मामले में छानबीन करते हुए अस्पताल को सील किया. मौके पर जिले के सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ दिलीप कुमार भी मौजूद थे.

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सीएम के निर्देश पर हुई कार्रवाई

दरअसल, जिले के सतबरवा के सामाजिक कार्यकर्ता अतुल कश्यप ने सीएम हेमंत सोरेन को सतबरवा निवासी प्रिंस कुमार गुप्ता, पिता दिलीप प्रसाद के इलाज को लेकर ट्वीट किया था. अतुल ने ट्वीट कर बताया था कि मेदिनीनगर सदर अस्पताल में इलाज के लिए जाने पर प्रिंस को डॉ. हरिओम के निर्देश पर निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया और उन्हें इलाज खर्च के रूप में 28 हजार का भारी भरकम बिल थमा दिया गया. 15 हजार की वसूली भी कर ली गयी.

इस मामले में सीएम ने कार्रवाई के निर्देश दिया था. उनके निर्देश के आलोक में प्रशिक्षु आइएएस अधिकारी डॉ आशीष अग्रवाल मामले में जांच कर रहे थे. जांच के दौरान आरोप सिद्ध होने पर उन्होंने शनिवार की दोपहर हिल वेब अस्पताल को सील कर दिया.

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क्या है मामला?

दरअसल, शुक्रवार को प्रिंस कुमार के सड़क दुर्घटना में जख्मी होने से उसकी जांघ टूट गयी थी. वह इलाज कराने के लिए एमआर एमसीएच में पहुंचा और ओपीडी में चिकित्सक से जांच करायी. उसे जांच लिखा गया, तब तक वह स्ट्रेचर पर ही अस्पताल के बरामदे में पड़ा रहा. वहां पर तैनात दो नर्स उसके पास आयी और कहा कि स्ट्रेचर खाली करो नहीं तो जमीन पर लेटा देंगे.

एक नर्स ने यहां तक कह दिया कि यहां पर इलाज कराओगे तो विकलांग हो जाओगे. इतने में अस्पताल में घुम रहा एक दलाल उसके पास पहुंचा और उसे डॉ हरिओम प्रसाद के अस्पताल हील वेब में ले गया.

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सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया मरीज

यहां मरीज से 28 हजार की मांग की गई. मरीज के परिजन चिकित्सक को 15 हजार रुपए दिये. मरीज के परिजन और अस्पताल की व्यवस्था को देखते हुए मुख्ययंत्री को ट्वीट कर सारे मामले से अवगत कराया गया.

प्रशिक्षु आइएएस अधिकारी ने अस्पताल को सील करने के बाद मरीज को वहां से निकाल कर सदर अस्पताल में भर्ती कराया है. समुचित इलाज कराने का निर्देश सीएस और अस्पताल अधीक्षक को दिया है.

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दोषियों की पहचान कर होगी एफआइआर

मामले में शुक्रवार को दो से चार बजे की अवधि में ड्यूटी में तैनान नर्स होली पूर्णिमा तिग्गा और काजल को बुलाया गया. हालांकि मरीज के परिजन दोनों की पहचान नहीं कर सके.

प्रशिक्षु आईएएस ने कहा कि मामले की जांच चल जा रही है. उन्होंने कहा कि दोषियों को चिह्नत कर एफआइआर करायी जाएगी.

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