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पलामू : संपत्ति की लालच ने नाना, नानी और मामा को बनाया हत्यारा, अपहरण कर बच्चे की हत्या की, गिरफ्तार

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Palamu : संपत्ति के लालच में अच्छे से अच्छा इंसान भी हैवान बन जाता है. रिश्तों को भूल जाता है और ऐसी घिनौनी हरकत कर बैठता है जिससे रिश्ते शर्मसार हो जाते हैं. पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में कुछ इसी की घिनौनी हरकत की गयी है. संपत्ति के कारण नाना, नानी और मामा एक बच्चे की जान की दुश्मन बन बैठे और अपहरण के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी.

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पुलिसिया दबाव में उगले राज

पांकी थाना क्षेत्र के बरवैया गांव में अपने नाना स्व. गिरिवर सिंह के घर रहकर पढ़ाई कर रहे आयुष कुमार की अपहरण के बाद हत्या कर दी गयी. आयुष गत 14 जून से लापता था. पुलिस उसकी खोजबीन कर रही थी.

इसी बीच शक के आधार पर पांकी थाना प्रभारी प्रकाश यादव ने आयुष के चचेरे नाना रामेश्वर सिंह, नानी उर्मिला देवी और मामा चंदन कुमार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. कड़ाई बरतने पर तीनों ने हत्या की बात कबूल ली.

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सोनरे नदी में दफन मिला बच्चे का शव 

पांकी थाना प्रभारी ने बताया कि पूछताछ के बाद आयुष के मामा चंदन को लेकर उसके बताए स्थान सोनरे नदी पहुंचे. यहां बालू में दफन आयुष का शव बरामद किया गया. शव से दुर्गंध आने लगी थी. शव को देखने से लगता था कि उसकी हत्या 14 जून को ही कर दी गयी होगी. इधर पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि 14 जून की शाम आयुष को गायब किया गया और उसी दौरान उसकी गमछा से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गयी.

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आयुष बनता अपने नाना की संपत्ति का इकलौता वारिस

आयुष अपने माता-पिता का इकलौता वारिस था. आयुष के पिता संतोष मेहता तरहसी थाना क्षेत्र के सेलारी के रहने वाले हैं. आयुष के पिता संतोष मेहता अपने ससुर स्व. गिरिवर सिंह के एकलौते दामाद हैं और बरवैया में ही रहकर जीवन बसर करते हैं.

ससुराल में उनकी सिर्फ सास बची थी. स्वर्गीय गिरिवर सिंह की इकलौती बेटी और एक ही नाती था. गिरिवर सिंह के भाई रामेश्वरी सिंह की लालच भरी नजर अपने भाई की संपति पर थी. रामेश्वर को लगा कि आयुष बड़ा हो जायेगा तो सारी संपत्ति का मालिक बन बैठेगा. इसलिये 14 जून को ही इसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया गया.

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क्या कहना है थाना प्रभारी का

नदी में शव दफन किए जाने की पुख्ता सूचना मिलने पर 17 जून को मजिस्ट्रेट सह मनातू बीडीओ रवि प्रकाश की मौजूदगी में शव को निकाला गया. आयुष का शव देखने के बाद उसकी मां लगातार बेहोश हो जा रही थी. बच्चे की अपनी नानी का रो-रो कर बुरा हाल है.

थाना प्रभारी ने कहा कि संपत्ति के लालच में आयुष के चचेरे नाना रामेश्वर सिंह, चचेरी नानी उर्मिला देवी और चचेरे मामा चंदन कुमार द्वारा घटना को अंजाम दिया गया है. सभी लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और तीनों ने अपना अपराध भी कबूल कर लिया है. सभी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जायेगी.

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