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पलामू: स्वतंत्रता सेनानी नीलकंठ सहाय का निधन

Palamu : पलामू के वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी नीलकंठ सहाय का आज निधन हो गया. उनकी उम्र 99 वर्ष हो गयी थी. देश को आजादी दिलाने के लिए 1942 के आंदोलन में नीलकंठ सहाय को 200 लोगों साथ गिरफ्तार किया गया था.

डाल्टनगंज स्थित आवास पर हुआ निधन

स्वतंत्रता सेनानी नीलकंठ सहाय का निधन डाल्टेनगंज में उनके आवास पर हुआ . निधन की सूचना मिलते ही पलामू में शोक की लहर है. दोपहर बाद बड़ी संख्या में लोग नीलकंठ सहाय के शव के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर पहुंचे.

पलामू जिला प्रशासन की ओर से मेदनीनगर सदर एसडीओ अजय सिंह बड़ाईक मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी. निधन की खबर के बाद उनके आवास पर पलामू उपायुक्त शशि रंजन, एसपी संजीव कुमार, शहर थाना प्रभारी अरुण महथा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिट्टू पाठक, अविनाश वर्मा, इप्टा के उपेंद्र मिश्रा, प्रेम प्रकाश, भाजपा नेता मनोज सिंह, पंकज श्रीवास्तव, शालिनी श्रीवास्तव पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की.

महाशिवरात्रि पर्व के दिन उनका निधन उनके नाम को भी सार्थक कर दिया. देश भक्ति की भावना से लवरेज नीलकंठ सहाय का जन्म 22 दिसंबर 1922 को डाल्टनगंज में हुआ था. 20 वर्ष की आयु में 11अगस्त 1942 को रांची में स्वतन्त्रता आन्दोलन में उन्हें गिरफ्तार किया गया था. वे रांची एवं हजारीबाग जेल में बंद रहे.

सन् 1947 में रांची पीडब्ल्यूडी में उन्होंने नौकरी की शुरुआत की थी. वे सन् 1954 में गढ़वा आगये थे एवं उसी विभाग से सेवानिवृत्त हुए.

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2012 में मिला था राष्ट्रपति से सम्मान

स्वतंत्रता सेनानी नीलकंठ सहाय 9 अगस्त 2012 (क्रांति दिवस) पर तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणण मुखर्जी द्वारा सम्मानित किये गये थे. जिला और राज्यस्तर पर कई बार नीलकंठ सहाय को सम्मानित किया जा चुका है.

आजादी के बाद नीलकंठ सहाय को उनकी योग्यता के अनुसार पथ निर्माण विभाग में प्रधान कलर्क की नौकरी दी गयी थी. 1981 में वे इस सेवा से रिटायर किए. लगभग 34 वर्षों तक उन्होंने सरकारी नौकरी की.

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