JharkhandPalamu

पलामू: घोर उग्रवाद प्रभावित गांव पहुंचे पूर्व मंत्री राधाकृष्ण किशोर, सड़क निर्माण का दिलाया भरोसा

Palamu: पूर्व मंत्री राधाकृष्ण किशोर लगातार जनता से सीधा संपर्क स्थापित कर रहे हैं और दूरदराज उग्रवाद प्रभावित इलाकों में वे पहुंच रहे हैं और लोगों की समस्याओं को समझते हुए उसके निराकरण में लगे हुए हैं. पूर्व विधायक ने इसी कड़ी में उग्रवाद की मांद चिपो-बतसपुर गांव पहुंचे. यह गांव छतरपुर थाना क्षेत्र में है. इस गांव में पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है. इस गांव में पूर्व मंत्री भी मोटरसाइकिल पर सवार होकर किसी तरह पहुंचे. यहां इस गांव में तकरीबन 500 घर की आबादी है. इनमें परहिया जाति भी वास करती है.

पूर्व मंत्री राधाकृष्ण किशोर से उनकी सड़क की समस्या नहीं देखी गयी, तो उन्होंने तत्काल अपने निजी खर्च से जेसीबी मशीन मंगायी और एक सड़क बना दी. उसी ग्रामीण सड़क पर पहली बार इस गांव में चार पहिया वाहन की इंट्री हुई. यह गांव पहाड़ पर अवस्थित है. आज जब राधाकृष्ण किशोर बतसपुर, लातदाग, रजडेरवा गांव पहुंचे तो सैकड़ों ग्रामीण उनकी प्रतीक्षा में खड़े थे. ग्रामीणों में प्रसन्नता थी कि आजादी के 75 वर्ष के बाद कोई नेता पहली बार चिपो, बतसपरु गांव आया है. वहीं एक छोटी पहाड़ी पर पूर्व विधायक ग्रामीणों के साथ बैठ गए. उन्हांेने ग्रामणों से हालचाल लेना शुरू किया.

उन्होंने पूछा उन्हें क्या बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं? इस पर गांव की एक महिला समुंदरी कुवंर ने पूर्व विधायक को बताया कि यहां सबसे बड़ी समस्या आवागमन की है. सड़क नहीं रहने के कारण उन्हें पैदल कोसो दूर पाटन अथवा छतरपुर जाना पड़ता है. एक अन्य ग्रामीण महिला फुलवा कुवंर ने बताया कि पीने के पानी के साथ-साथ तालाब, कुआं तथा सिचाई की सुविधा उनके पास नहीं है. गांव में एक चापाकल और एक जलमीनार है. जलमीनार मामूली मरम्मत के अभाव में खराब पड़ी है.

ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि चिपो, बतसपुर, लातदाग, रजडेरवा, बघमना के बीच में कोई आंगनबाड़ी केन्द्र नहीं है. इससे महिलाओं और बच्चों को कोई लाभ नहीं मिल पाता है. पूर्व विधायक ने जब ग्रामीणों से यह पूछा कि यहां कोई सरकारी पदाधिकारी पहुंचे हैं तो एक ग्रामीण ने जवाब दिया तीन चार वर्ष पहले छतरपुर के बीडीओ साहब आए थे, उसके बाद कोई नहीं आया.

यहां लोगों ने राधाकृष्ण को यह भी बताया कि चिपो गांव में ट्रांसफार्मर नहीं रहने के कारण बिजली नहीं आती है. बाद में पूर्व मंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि आपकी सभी समस्याएं जिले के अधिकारियों को पहुंचाएंगे और आपके गांव की सड़क सीघ्र बनेगी. पूर्व विधायक ने ग्रामीणों के बीच तकरीबन 100 कंबलों का वितरण भी किया.

इसे भी पढ़ें: गढ़वा: बूढ़ा पहाड़ से विस्फोटक सहित दो पेटी कंडोम बरामद

Related Articles

Back to top button