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पलामू: आठ साल पुराने मामले में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी का कोर्ट में सरेंडर, मिली जमानत

Palamu: आठ वर्ष पुराने एक मामले में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड विकास मोर्चा सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने पलामू व्यवहार न्यायालय में जमानत के लिए आत्मसमर्पण किया. न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी दीपक कुमार की अदालत ने श्री मरांडी के मामले में सुनवाई के बाद 10-10 हजार के दो मुचलकों पर धारा 188 के एक मामले में जमानत दे दी.

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विदित हो कि बाबूलाल मरांडी के विरुद्ध तत्कालीन अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था मुकुल पांडे ने शहर थाना में कांड संख्या 180/2011 दिनांक 29 अप्रैल 2011 को प्राथमिकी दर्ज करायी थी. जिसमें आरोप था कि बाबूलाल मरांडी द्वारा धारा 144 का उल्लंघन किया गया था. साथ ही धारा 188 के अंतर्गत बाबूलाल मरांडी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

राजनीतिक साजिश के तहत दर्ज कराया गया था मामला: मरांडी

वर्ष 2011 में धारा 188 के उल्लंघन के मामले में आज पलामू व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण करने के बाद राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को जमानत पर रिहा किया गया. न्यायालय से बाहर निकलने के बाद मरांडी ने कहा कि 2011 के बाद पलामू जिला में उनका हर कई बार दौरा हुआ है. जब भी आए हैं, पुलिस को इसकी सूचना दी गयी है, लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले इस तरह की कार्रवाई, राजनीतिक साजिश लगती है. विरोधियों की एक चाल है, उन्हें परेशान करने की.

सक्रिय कार्यकर्ताओं की वजह से मिली जानकारी

मंराडी कहा कि इस मामले में आज तक उन्हे एक भी नोटिस नहीं मिली थी. कई बार मैं पलामू का दौरा किया, लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से कोई नोटिस नहीं मिली. कहीं न कहीं यह राजनीति साजिश थी, चुनाव के समय इस मामले को सामने लाया जाता है. लेकिन सक्रिय कार्यकर्ताओं के कारण उन्हें इस मामले की जानकारी मिल पायी. जिसके बाद न्यायालय में हाजिर हुए, नहीं तो उन्हें गैर जमानती वारंट की जानकारी थी और न ही कुर्की वारंट की. उन्होंने कहा कि न्यायालय का हम सम्मान करते हैं. न्यायालय का जो भी निर्देश होगा, उसका पालन किया जायेगा, लेकिन उन्हें समझ नहीं आता कि सात से आठ साल पुराने मामले को चुनाव के वक्त क्यों तूल दिया गया.

गैर जमानती वारंटी हुआ था निर्गत

उपरोक्त मामले में 6 फरवरी 2017 को बाबूलाल मरांडी के खिलाफ गैर जमानती वारंट न्यायालय के द्वारा निर्गत किया गया था. साथ ही दिनांक 31 अगस्त 2017 को कुर्की की कार्रवाई करने हेतु आदेश न्यायालय के द्वारा दिया गया था. इसी बीच मंगलवार को झारखंड विकास मोर्चा सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने अदालत में आत्मसमर्पण किया व जमानत की अर्जी दाखिल की. न्यायालय ने 10 हजार के दो मुचलके पर जमानत प्रदान कर दी.

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25 मार्च 2014 को सबसे पहले कोर्ट ने लिया था संज्ञान

विदित हो कि उपरोक्त मामले में 25 मार्च 2014 को धारा 188 के तहत बाबूलाल मरांडी के विरुद्ध संज्ञान लिया गया था. साथ ही अदालत ने उपरोक्त मामले में श्री मरांडी को आज आरोप से भी अवगत कराया. हालांकि, आरोप से मरांडी ने इनकार किया. अब इस मामले में मरांडी की गवाही शुरू होगी.
कोर्ट परिसर में मरांडी के साथ पार्टी के युवा नेता दिलीप सिंह नामधारी, जेवीएम के जिला अध्यक्ष मुरारी पांडे, हुसैनाबाद के रविंद्र कुमार सिंह, बबलू तिवारी, प्रभात भुइयां सहित काफी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता पहुंचे थे.

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समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ होगा गठबंधन

न्यायालय में आत्मसमर्पण करने से पूर्व बारालोट में अपने पार्टी कार्यकर्ता के आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए झाविमो सुप्रीमो ने कहा कि भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए जल्द समान विचारधारा वाली पार्टी के साथ पार्टी का गठबंधन होगा. उन्होंने कहा कि इसपर मंथन चल रहा है. उम्मीद है कि चार-पांच दिनों में हल निकल जायेगा.

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