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पलामू: जेपीसी के सबजोनल कमांडर सहित चार आरोपियों को पांच-पांच वर्ष की सजा

लेवी से जुड़े पांच साल पुराने मामले में

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Palamu: पलामू जिले की एक निचली अदालत ने जेपीसी के चार उग्रवादियों को पांच-पांच साल की सजा सुनायी है. पांच वर्ष पुराने एक मामले में उग्रवादी संगठन झारखंड प्रस्तुति कमिटी के सबजोनल कमांडर सहित चार उग्रवादियों को पांच वर्ष की सजा सुनायी गयी है.

मामला लेवी से जुड़ा था. जहां लेवी के लिए सबजोनल कमांडर और उसके साथियों ने सतबरवा विद्युत सबस्टेशन के कर्मियों से मारपीट की थी और दो लाख रंगदारी मांगी थी. बाद में पुलिस की कार्रवाई में सबजोनल कमांडर सहित अन्य उग्रवादियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया था.

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सतबरवा के तीन और गढ़वा के एक अभियुक्त

जिला व्यवहार न्यायालय के तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी.के तिवारी की अदालत ने अवैध आग्नेयास्त्र रखने व प्रतिबंधित उग्रवादी क्रियाकलाप में शामिल रहने के एक मामले में चार लोगों को सजा सुनायी है.

इनमें सतबरवा के दुलसुलमा निवासी रंग बहादुर सिंह उर्फ राकेश, इंद्रदेव कुमार, संजय सिंह एवं गढ़वा के रमकंडा थाना के तेतरियाडीह निवासी नन्ददेव प्रसाद को दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष का कारावास और पांच-पांच हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनायी. अर्थदंड की राशि नहीं देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी.

मारपीट के बाद मांगी थी दो लाख रूपये रंगदारी 

वर्ष 2013 में 22 दिसम्बर को सतबरवा विद्युत सबस्टेशन में जाकर जेपीसी के सबजोनल कमांडर सहित अन्य उग्रवादियों ने वहां के कर्मियों के साथ मारपीट की थी और मोबाइल लूट लिया था.

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साथ ही दो लाख रूपये की रंगदारी मांगी थी. उग्रवादियों के खिलाफ छापामारी अभियान चलाया जा रहा था. 8 जनवरी 2014 को सतबरवा थाना (उस वक्त ओपी) के प्रभारी महेश्वर प्रसाद रंजन को गुप्त सूचना मिली कि जेपीसी सबजोनल कमांडर राकेश उर्फ रंगबहादुर सिंह ने अपने दस्ते के साथ दुलसुलमा पहाड़ी के पास उपस्थित है.

अवैध हथियार के साथ पकड़े गए थे सभी

सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पहाड़ी की घेराबंदी की थी और सबजोनल कमांडर सहित चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया था. रंग बहादुर सिंह के पास एक लोडेड देसी पिस्तौल बरामद किया गया था.

जबकि उसके साथी नंदेव के पास से सिक्सर बरामद हुआ था. दोनों से कागजात हथियार से संबंधित प्रस्तुत नहीं किए गए थे. मामला अदालत में आने के बाद साक्ष्य के आधार पर सभी दोषी पाए गए.

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