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Palamu : फिर धान घोटाला की आशंका, बिहार में प्रतिबंधित राइस मिलों को मिला मिलिंग कार्य

Palamu : बिहार में प्रतिबंधित दो राइस मिलों को पलामू जिले में मिलिंग कार्य के लिए कार्य आवंटित किया गया है. एक राइस मिल को हुसैनाबाद, हैदरनगर और मोहम्मदगंज के पैक्सों के धान की मिलिंग करने की जिम्मेवारी सौंपी गयी है, जबकि एक को विश्रामपुर, उंटारी रोड एवं पांडु इलाके का कार्य आवंटन किया गया है. विभाग के संकल्प संख्या 2754 दिनांक 27.10.2021 के आलोक में धान के परिवहन और मिलिंग कार्य के लिए निर्देशित किया गया है.

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बताते चलें कि पलामू सहित झारखंड में पिछले वर्ष धान की खरीद बिक्री काफी चर्चा में रही थी. पलामू में फर्जी आइडी की बात भी काफी चर्चित मामला था. मालूम हो कि पिछले वर्ष एफसीआइ के द्वारा धान की खरीद की गयी थी, लेकिन इस मामले के बाद इस वर्ष पलामू में धान की खरीदगी जेएसएफसी के द्वारा की जा रही है.

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पिछले वर्ष पलामू में धान खरीद बिक्री में विवाद होने के बाद भी झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के द्वारा बिहार के प्रतिबंधित राइस मिल को मिलिंग के लिए आमंत्रित करना कहीं न कहीं जेएसएफसी की लापरवाही साबित करती है.

बिहार में प्रतिबंध झेल रहे राइस मिल को इस बार पलामू में झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के द्वारा आमंत्रित कर जिस तरह से धान की मिलिंग में शामिल किया गया है, उससे एक बार फिर पलामू के किसान आशंकाओं में दिख रहे हैं.

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गौरतलब है कि इस वर्ष पलामू में धान की खरीद झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के माध्यम से पैक्स के माध्यम से की जा रही है.

इस क्रम में खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के द्वारा धान मिलिंग के लिए बिहार के गुप्ता जी ब्रदर्स राईस मिल सासाराम और पशुपति राइस मिल सासाराम राइस मिल को मिलिंग के लिए आमंत्रित किया गया.

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ये वैसे राइस मिल हैं, जो बिहार में धान खरीद में घोटाला करने के कारण प्रतिबंधित हैं. बिहार राज्य सरकार के द्वारा इन कंपनियों को कोई धान मिलिंग का कार्य आवंटित नहीं किया जाता है.

ऐसे में धान घोटाले के लिए प्रतिबंधित राइस मिल को पलामू में धान खरीद के लिए आमंत्रित करना कहीं न कहीं फिर से किसानों के लिए मुसीबत खड़ा हो सकती है.

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