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पलामू: कुछ राजनीतिक पार्टियों के लिए किसान सिर्फ वोट बैंक- प्रधानमंत्री मोदी

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Palamu: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पलामू में छह योजनाओं का शिलान्यास करने पहुंचे. उतरी कोयल परियोजना (मंडल डैम) के विस्तारित योजना समेत आधा दर्जन योजनाओं की नींव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रखी. पलामू की जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपने विरोधियों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियों के लिए किसान सिर्फ वोट बैंक है. जबकि बीजेपी के लिए अन्नदाता है. विरोधियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आजतक किसानों से संबंधित योजनाएं लटकी रहीं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. साथ ही कहा कि कर्जमाफी के नाम पर किसानों को धोखा दिया जा रहा है.

बता दें कि पीएम का विशेष चॉपर निर्धारित समय 10.50 बजे डालटनगंज के चियांकी हवाई अड्डे पर उतरा. सबसे पहले उनका राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास और राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू ने अभिनंदन किया. इसके बाद प्रधानमंत्री 11.10 बजे मंच पर पहुंचे. मंच पर पहुंचने के बाद उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया. बाद में सीएम ने प्रधानमंत्री का स्वागत अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया. मंच पर प्रधानमंत्री के साथ राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केन्द्रीय राज मंत्री सुदर्शन भगत, बिहार के राज्यसभा सांसद हरि मांझी, झारखंड के नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, स्वास्थ्य मंत्री रामचन्द्र चन्द्रवंशी, चतरा, पलामू और औरंगाबाद (बिहार) के सांसद, डालटनगंज और मनिका के विधायक उपस्थित हैं.

मैंने आवास योजना का नाम ‘नरेंद्र मोदी आवास’ नहीं रखा

पलामू में प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ये नीलाम्बर– पीताम्बर की वीर धरती है. यहां आकर मुझे अपार खुशी हुई. उन्होंने आवास योजना के लाभार्थियों का जिक्र करते हुए कहा कि नये साल में जो नये घर में प्रवेश कर रहे हैं, उन्हें बधाई. घर पक्का होता है तो संकल्प भी पक्का हो जाता है. प्रधानमंत्री आवास योजना की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पलामू में 25,000 लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर मिल रहा है. साढ़े चार वर्ष पहले हमने एक लक्ष्य रखा था कि 2022 तक देश के हर नागरिक के सिर पर छत हो. जब हमने शुरू किया तो लोगों ने पूछा कि आपने क्या किया ? सिर्फ नाम बदल दिया. मैं कहता हूं मैंने ‘नरेंद्र मोदी आवास योजना’ नाम नहीं रखा. उन्हें एक परिवार की चिंता रहती है लेकिन मुझे देश की चिंता रहती है.

3500 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास करने के मौके पर उन्होंने कहा कि देश में सिंचाई की पारंपरिक व्यवस्था से लेकर आधुनिक तकनीक को पहुंचाया जा रहा है. इस क्षेत्र में तीन लाख से ज्यादा लोगों को पीने का पानी मिलेगा. वहीं विरोधियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मैडम जब रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रही थी. पांच साल में पचीस लाख घर बनाये थे. आपके सेवा के लिए आये मोदी ने एक करोड़ पचीस लाख घर बना दिया. हमने जो किया है, उसे करने के लिए उन्हें पचीस साल लग जाते.

वहीं मंडल डैम की परियोजना की लेटलतीफी को लेकर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 47 साल यानि आधी सदी तक परियोजना अधर में लटकी रही. पिछले पचीस साल से इस योजना का काम स्थिर पड़ा था. यह परियोजना में देरी किसी अपराध से कम नहीं है. यह परियोजना 30 करोड़ में पूरी होनी थी, लेकिन अब दस गुना ज्यादा रकम लगेगी.

इन योजनाओं का हुआ शिलान्यास

उत्तर कोयल (मंडल डैम) परियोजना का अपूर्ण कार्य

इस योजना का शीर्ष कार्य (डैम) लातेहार जिला के बरवाडीह प्रखण्ड में उत्तर कोयल नदी पर अर्द्धनिर्मित है. इस योजना को 2391.36 करोड़ की राशि से पूर्ण कर झारखंड राज्य के गढ़वा एवं पलामू जिला में 19,604 हेक्टेयर में सिंचाई होगी.

सोन नहर पाइप लाइन सिंचाई योजना

गढ़वा जिला में पाइप लाइन से विभिन्न जलाशयों को भरकर पेयजल एवं सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु 1169.28 करोड़ की लागत राशि से सोन नहर पाइप लाइन योजना का निर्माण कराया जा रहा है. इसके अंतर्गत कुल 73.80 एमसी.एम. पानी लिफ्ट किए जाने का प्रावधान है. इस योजना से पेयजल हेतु 12.89 एम.सी.एम. एवं सिंचाई हेतु 60.92 एम.सी.एम. जल उपलब्ध कराया जाएगा. गढ़वा जिला के रंका, धुरकी, रामकंडा, रमणा, चिनिया, डन्डई, भंडरिया, गढ़वा, नगरउंटारी, मेराल, मझिआंव, भवनाथपुर, कांडी, केतार, खरौंधी, संगमा, विशुनपुरा, आदि प्रखंडो को सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.

बतेर वीयर योजना का पुनरुद्धार एवं लाइनिंग कार्य

यह योजना पलामू जिला के हरिहरगंज प्रखंड में बतेर नदी पर निर्मित है. इस योजना के पुनरूद्धार एवं मुख्य नहरों के लाइनिंग कार्य 17.47 करोड़ की लागत से कराया जाना है. कार्य पूर्ण करने के लिए 2 वर्ष की अवधि निर्धारित है. इस योजना के झारखंड राज्य के 1008 हेक्टेयर खरीफ तथा 112 हेक्टेयर रबी में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

बांयी बांकी जलाशय योजना का पुनरुद्धार एवं लाइनिंग कार्य

यह योजना गढ़वा जिला के नगरउंटारी प्रखंड में निर्मित है. इस योजना के पुनरुद्धार एवं मुख्य नगरों के लाइनिंग कार्य 24.80 करोड़ की लागत राशि से कराया जाना है. कार्य पूर्ण करने के लिए 2 वर्ष की अवधि निर्धारित है. इस योजना के झारखंड राज्य के 1200 हेक्टेयर खरीफ तथा 400 हेक्टेयर रबी में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

अंजनवा जलाशय योजना का पुनरुद्धार एवं लाइनिंग कार्य

यह योजना चतरा जिला के मयूरखंड प्रखंड में निर्मित है. इस योजना के पुनरुद्धार एवं मुख्य नहरों के लाइनिंग कार्य 67.53 करोड़ की लागत राशि से कराया जाना है. काम पूरा होने के लिए 2 साल का समय तय किया गया है. इस योजना से झारखंड राज्य के 1560 हेक्टेयर खरीफ तथा 400 हेक्टेयर रबी में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

ब्राह्मणी सिंचाई योजना का पुनरुद्धार एवं लाइनिंग कार्य

यह योजना पश्चिमी सिंहभूम जिला के चक्रधरपुर प्रखंड में निर्मित है. इस योजना के पुनरुद्धार के कार्य हेतु रू.11.62 करोड़ की लागत राशि से कराया जाना है. कार्य पूरा करने के लिए 2 वर्ष की अवधि निर्धारित है. इस योजना से झारखण्ड के 1350 हेक्टेयर खरीफ सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

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