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Palamu : फिनो पेमेंट बैंक में 24 लाख का गबन, ब्रांच मैनेजर समेत तीन गये जेल

Palamu : शहरी क्षेत्र के जिला स्कूल चौक के समीप फिनो पेमेंट बैंक शाखा में 24 लाख रुपये गबन करने के आरोप में बैंक के ब्रांच मैनेजर समेत तीन कर्मियों को आज जेल भेज दिया गया. जेल भेजे गये कर्मियों में ब्रांच के क्लस्टर हेड राजीव रंजन, ब्रांच मैनेजर अनिल कुमार व कैशियर रंजीत कुशवाहा शामिल हैं.

बता दें कि बैंक में ग्राहकों के पैसे जमा लेने के बाद तीनों कर्मी उसे डिपोजिट न कर आपस में बांट लेते थे. पिछले दिनों फिनो पेमेंट बैंक झारखंड के रिजनल मैनेजर राजीव मिश्रा अचानक बैंक शाखा निरीक्षण के लिए पहुंचे थे और इसी दौरान तीनों बैंककर्मियों की करतूत सामने आयी थी. मामले में रविवार को रिजनल मैनेजर के द्वारा शहर थाना में एफआइआर दर्ज करायी गयी थी. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस तीनों बैंककर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी. इसी बीच उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

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Sanjeevani

दो वर्ष से चल रहा था हेरा-फेरी का खेल

दरअसल, वर्ष 2020 में फिनो पेमेंट बैंक की ब्रांच खुलने के बाद से उपरोक्त तीनों बैंककर्मी पैसे की हेरा-फेरी का खेल खेल रहे थे. शुरुआत ब्रांच मैनेजर ने की थी. दरअसल, ब्रांच मैनेजर अनिल कुमार वर्ष 2014 से फिनो बैंक से जुड़े थे. बतौर फील्ड ऑफिसर छह वर्ष तक कार्य करने के बाद जब वर्ष 2020 में मेदिनीनगर में ब्रांच की शुरुआत की गई तो अनिल कुमार को ब्रांच मैनेजर बना दिया गया. जांच में पुलिस को पता लगा है कि बैंककर्मियों ने बैंक में डिपोजिट के लिए आये 24 लाख रुपये पिछले दो वर्ष में बैंक में जमा न कर आपस में बांट लिया है. बैंक के लेनदेन का हिसाब देखकर व बैंक में मौजूद पैसों का मिलान किया गया तो करीब 24 लाख रुपये कम पाये गये.

कैसे खुली पोल

पुलिस पूछताछ में बैंककर्मियों ने बताया है कि जब भी ब्रांच का निरीक्षण होता था तो उन्हें उसकी जानकारी पहले ही मिल जाया करती थी. लेकिन झारखंड रिजनल मैनेजर राजीव मिश्रा के अचानक जांच में आ जाने के कारण उन्हें अपनी गलतियों को छुपाने का मौका नहीं मिला. पूर्व में जब भी बैंक के सीनियर पदाधिकारी जांच में आते थे तो बैंक से मिसिंग रुपये को मिलान कर निरीक्षण से पहले रख दिया जाता था, लेकिन राजीव मिश्रा ने उन्हें इसके लिए कोई मौका नहीं दिया. नतीजा उनकी गलती सार्वजनिक हो गयी.

शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अभय कुमार सिन्हा ने बताया कि दो दिनों तक अनुसंधान चलने के बाद बैंक से 24 लाख रुपए गायब करने के आरोप में क्लस्टर हेड राजीव रंजन, ब्रांच मैनेजर अनिल कुमार व कैशियर रंजीत कुशवाहा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. इनमें ब्रांच मैनेजर अनिल कुमार नावाबाजार के चेचन्हा, क्लस्टर हेड राजीव रंजन बिहार के सारण एवं कैशियर रंजीत कुशवाहा नावाबाजार के दमारो के रहने वाले हैं.

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