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पलामू : बाल सुधार गृह को 18 महीने से नहीं मिली अनुदान राशि, खाने के पड़े लाले

बच्चों का ठंड से है बुरा हाल 

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Palamu : पलामू जिले में सीएनसीपी चाइल्ड (देख भाल और संरक्षण वाले बच्चे) का हाल बुरा है. सरकार द्वारा पिछले 18 महीने से अनुदान की राशि यहां नहीं भेजी जा रही है. इससे बच्चों को प्रतिदिन खाने-पीने के सामानों के अलावा पहनने के लिए कपड़ों का अभाव हो गया है.

स्वयंसेवी संस्थाओं और समाजसेवियों से मिल रहा सहयोग

बाल सुधार गृह की खस्ताहाल देखकर कुछ समाजिक संगठन और समाजसेवी आगे आए हैं. उनके द्वारा प्रतिदिन खाद सामग्री के साथ-साथ कपड़े मुहैया कराये जा रहे हैं.

अनुदान राशि नहीं मिलने के पीछे कारण स्पष्ट नहीं

सरकार की ओर से अचानक अनुदान राशि बंद किए जाने के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहे हैं. इसका कोई स्पष्ट जवाब जिले के अधिकारियों के पास भी नहीं है. जाड़े का मौसम होने के कारण बच्चों के पास गर्म कपड़ों का काफी अभाव है. स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा बच्चों को गर्म कपड़ा हाल के दिनों में उपलब्ध कराया गया है.

40 है बच्चों की संख्या 

जानकारी के अनुसार अभी कुल बच्चों की संख्या यहां लगभग 40 है.. इन सभी को प्रतिदिन अनुदान के अभाव में खाना उपलब्ध कराना अब परेशानियों का सबब बन गया है. सरकार प्रति बच्चे अनुदान 1500 से 2000 हजार की राशि उपलब्ध कराती है. यह अनुदान की राशि भी साल में दो या तीन बार ही उपलपब्ध करायी जाती है.

अनुदान राशि के लिए विभाग से किया गया है पत्रकार : बाल संरक्षण पदाधिकारी

इस संबंध में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी केडी पासवान ने बताया कि सरकार से अनुदान की राशि नहीं मिलने से परेशानियां तो काफी बढ़ गयी है. स्थिति को देखते हुए इसडो स्वयंसेवी संस्था को बच्चों को देख-रेख करने की जिम्मेवारी दी गयी है. इधर, सरकार से अनुदान राशि प्राप्त करने के लिए भी पत्रचार किया गया है, लेकिन अभी तक परिणाम सामने नहीं आये हैं.

इसडो संस्था के पंकज लोचन ने बताया कि उनकी संस्था सीएनसीपी में उपस्थित बच्चों को प्रतिदिन खाना उपलब्ध कराया जा रहा है. समाज के अन्य लोगों से भी सहयोग की अपील की गयी है. जाड़े का मौसम होने के कारण बच्चों के समक्ष गर्म कपड़ों का अभाव है. संस्था ने सभी बच्चों को गर्म कपड़ा भी उपलब्ध कराया है.

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