न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

Palamu: उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन की मांग, छात्र-छात्राओं ने घेरा एनपीयू प्रशासनिक भवन

311

Palamu: नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर (अर्थशास्त्र) सेमेस्टर टू के छात्र-छात्राओं ने उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन की मांग के समर्थन में सोमवार को हंगामा किया.

विश्वविद्यालय परिसर में विरोध-प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थियों ने शिक्षकों पर कम अंक देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि वे लोग अपने-अपने अंक से संतुष्ट नहीं हैं.

इसे भी पढ़ें – पढ़ें और सुनें कैसे चुनावी सभाओं में झूठ बोल गये पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी

परीक्षाफल में भारी अनियमितता बरतने का आरोप

छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि सेमेस्टर टू के परीक्षाफल में भारी अनियमितता बरती गयी है. यही कारण है कि परीक्षा में शामिल 200 छात्र-छात्राओं में मात्र से केवल नौ ही उत्तीर्ण हुए हैं. शेष सभी विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण कर दिया गया है. ऐसी स्थिति में उतर पुस्तिकाओं की पुनः जांच होनी चाहिए.

शिकायतों की संजीदगी से जांच होगी: कुलपति

परीक्षाफल से असंतुष्ट छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एसएन सिंह और कुल सचिव प्रोफेसर जयंत शेखर से मुलाकात की और इस मसले पर ज्ञापन सौंपा. कुलपति और कुलसचिव ने छात्र-छात्राओं को पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित करने की नसीहत दी.

Mayfair 2-1-2020

उन्होंने कहा कि उनकी शिकायतों की संजीदगी से जांच की जायेगी और अगर परीक्षाफल में गड़बड़ी पायी गयी तो विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी.

ज्ञापन सौंपनेवालों में कौन-कौन

ज्ञापन सौंपनेवालों में पिंटू कुमार, विकेश कुमार, सोनम कुमारी, अर्चना सागर, चन्द्रमुनी भेंगरा, नमिता तिवारी, शुभलक्ष्मी शर्मा, रागिनी पांडेय, कुसुम परवीन और हेमलता कुमारी प्रमुख रूप से शामिल थे.

Sport House

इसे भी पढ़ें – #JharkhandElection: रघुवर दास सबसे बड़े भ्रष्टाचारी, मोदी इनके पक्ष में मांग रहे वोट- राहुल गांधी

परीक्षा नियंत्रक से टयूशन पढ़नेवाले छात्र-छात्राएं पास, बाकी फेल

इधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी के राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य विनीत पांडेय ने आरोप लगाया कि जो छात्र-छात्राएं परीक्षा नियंत्रक से टयूशन पढ़ते हैं, उनका परीक्षाफल बेहतर रहता है, बाकी को फेल कर दिया जाता है. इसका उदाहरण स्नातकोत्तर (अर्थशास्त्र) सेमेस्टर टू का परीक्षाफल है. 90 प्रतिशत परीक्षाफल खराब है.

मामला केवल स्नातकोतर (अर्थशास्त्र) सेमेस्टर टू तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बीकॉम ओल्ड कोर्स (2017-20) के अधिकतर छात्र-छात्राओं को फेल कर दिया गया है. अनियमितता पर सवाल उठाने पर छात्र-छात्राओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है.

इसे भी पढ़ें – #GST मुआवजे को लेकर सात राज्य केंद्र सरकार के खिलाफ #SupremeCourt जाने को तैयार

SP Jamshedpur 24/01/2020-30/01/2020

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like