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पलामू: विचाराधीन कैदी की मौत, सात वर्ष से पत्नी की हत्या के आरोप में सेंट्रल जेल में था बंद

Palamu : मेदिनीनगर सेंट्रल जेल में पिछले 7 वर्ष से बंद एक विचाराधीन कैदी की मंगलवार की सुबह मौत हो गयी. कैदी पिछले 5 दिसम्बर से मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती था. कैदी की हालत पिछले कुछ दिनों से चिंताजनक बनी हुई थी. नियमित भोजन नहीं करने के कारण ऐसी स्थिति हुई थी. उसकी मानसिक स्थिति भी खराब हो गयी थी. इलाज के दौरान सुबह करीब 7.15 बजे उसने दम तोड़ दिया.

2014 से बंद था सेंट्रल जेल में

विचाराधीन कैदी की पहचान जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के सलतुआ निवासी अरविंद गुप्ता (45वर्ष) के रूप में हुई है. अरविंद वर्ष 2014 से मेदिनीनगर सेंट्रल जेल में बंद था. अरविंद पर उसकी पत्नी प्रेमा देवी का अपहरण कराने के बाद हत्या का आरोप था. प्रेमा का अपहरण 30 नवम्बर 2014 को हुआ था. 6 दिसम्बर 2014 को उसकी लाश मिली थी. 5 दिसम्बर को अरविंद गुप्ता की गिरफ्तारी हुई थी. इस कांड में अरविंद के अलावा अजय चौरसिया, प्रदीप चौरसिया, अखिलेश चौरसिया, रविन्द्र चौरसिया, छनकू चौधरी, शिव कुमार चौधरी, शिवटहल चौधरी एवं पिंटू दुबे भी आरोपी हैं.

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परिजनों ने कहा, नहीं दी गयी बीमार रहने की जानकारी

अरविंद गुप्ता की मौत हो जाने के बाद जेल प्रशासन ने इसकी जानकारी चैनपुर थाना के माध्यम से सलतुआ के मुखिया पति हरिद्वार सिंह के माध्यम से दी. मुखिया पति ने इस संबंध में अरविंद के परिजनों को सूचित किया. अरविंद के छोटे भाई सुनील प्रसाद और चचेरे भाई नागवंत प्रसाद एमआर एमसीएच पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली. छोटे भाई ने आरोप लगाया कि अरविंद के बीमार रहने की सूचना जेल प्रशासन ने कभी नहीं दी. आज पूर्वाहन 11 बजे उन्हें मुखिया पति से इस संबंध में सूचना मिली. जेल से कोर्ट में पेशी के दौरान कभी कभी अरविंद से मुलाकात होती थी. दाह संस्कार करने के लिए परिजनों ने जेल प्रशासन से अरविंद का शव मांगा है. अरविंद के तीन पुत्र हैं.

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परिवार के लोग नहीं आते थे अरविंद से मिलने, इस कारण नहीं दे पाए जानकारीः जेल सुपरीटेंडेंट

मेदिनीनगर सेंट्रल जेल के सुपरीटेंडेंट जीतेन्द्र कुमार ने बताया कि सात वर्ष से अरविंद सेंट्रल जेल में बंद था, लेकिन उससे मिलने कभी उसके परिजन नहीं आते थे. इस कारण उनका कोई संपर्क नंबर भी नहीं था. अरविंद की मानसिक स्थिति खराब थी. वह ठीक से खाना नहीं खाता था. इलाज के लिए रांची रिनपास में भर्ती कराया गया था. रांची रिम्स में भी उसका इलाज चला था. यहां आने के बाद पुनः बीमार पड़ने पर गत 5 दिसम्बर से एमआर एमसीएच में भर्ती कराया गया था. दंडाधिकारी सदर सीओ जेके मिश्रा की उपस्थिति में शव का पोस्टमार्टम किया गया. परिवारवाले अगर शव का दाह संस्कार नहीं करायेंगे तो जेल प्रशासन इसमें पहल करेगा.

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