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पलामू : अंधविश्वास में दंपति की हत्या, 24 घंटे बाद मिली लाश,  तीन गिरफ्तार

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Palamu : अंधविश्वास को लेकर चलाए जा रहे तमाम जागरूकता कार्यक्रम के बावजूद हिंसक घटनाएं रूकने का नाम नहीं ले रही हैं. कथित डायन-ओझा होने के आरोप में एक दूसरे का खून बहाने से लोग पीछे नहीं हट रहे हैं. पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र अंतर्गत नक्सल प्रभावित सरगुजा गांव के बहेराटोला में एक दंपति की ओझा-गुणी होने का आरोप लगाकर हत्या कर दी गयी. दोनों का शव घटना के 24 घंटे बाद बरामद किया गया है. दंपति की पहचान बहेराटोला निवासी इन्द्रदेव उरांव (65) एवं उसकी पत्नी सुकनी देवी (62) के रूप में हुई है.

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अगवा कर मार डाला गया

इन्द्रदेव के पुत्र शिव उरांव ने बताया कि शुक्रवार को गांव के ही प्रेम उरांव, पंकज उरांव, कैला उरांव, राजेन्द्र उरांव के अलावा पांच-छह लोग उसके घर पहुंचे और उसके माता-पिता को यह कहकर जबरन उठा ले गए कि दोनों ओझा-गुणी है. उनके जादूटोना से उनके परिवार की हालत खराब हो गयी है. जाते वक्त यह भी कहा था कि दोनों की हत्या कर दी जायेगा.

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शनिवार को दर्ज हुआ मामला

अगवा किए जाने की घटना के अगले दिन शनिवार को शिव उरांव ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी. मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिसिया कार्रवाई तेज हुई और घटना में शामिल तीन आरोपियों प्रेम उरांव, पंकज और कैला को गिरफ्तार किया गया. पुलिसिया दबिश देकर जब सभी से पूछताछ की गयी तो एक-एक कर सारे राज सामने आ गये. बाद में उनकी निशानदेही पर सर्च अभियान चलाया गया तो गांव से 10 किलोमीटर दूर इटवाही जंगल से इन्द्रदेव और उसकी पत्नी का शव बरामद किया गया.

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पत्थर में दबा हुआ था शव

पाटन के अंचल पुलिस निरीक्षक ने जानकारी दी कि शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल में भेज दिया गया है. आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनसे पूछताछ के बाद जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी तेज की गयी है. उन्होंने कहा कि अंधविश्वास में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है. गांव के लोग ओझा-गुणी प्रकोप से आजादी के इतने वर्षों बाद भी निकल नहीं पाए हैं.

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