न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पलामू: ब्लड बैंक में वसूला जा रहा खून लेने वाले मरीजों से प्रोसेसिंग चार्ज

सरकार के आदेशों की खुलेआम अनदेखी

425

Daltongunj: पलामू जिले का एकमात्र सरकारी ब्लड बैंक है जय जवान ब्लड बैंक. इस ब्लड बैंक और विवादों का मानो चोली-दामन का रिश्ता है. वैसे तो इस ब्लड बैंक के साथ कई विवाद पूर्व में जुड़े रहे हैं, लेकिन ताजा मामला सरकार के आदेश को नजरअंदाज करने का है. एनएचआरएम ने अपने निर्देश में साफ-साफ कहा है कि अब किसी सरकारी ब्लड बैंक से मरीजों को बिना प्रोसेसिंग चार्ज लिये खून दिया जायेगा. इस निर्देश को जारी हुए तीन दिन गुजर जाने के बाद भी डालटनगंज सदर अस्पताल स्थित जय जवान ब्लड बैंक मरीजों से खून के बदले प्रोसेसिंग चार्ज के रुप में 250 रूपये वसूल रहा है.

क्या कहना है ब्लड बैंक के कर्मचारियों का ?

गुरुवार को कई लोगों ने ब्लड बैंक द्वारा प्रोसेसिंग चार्ज वसूले जाने का विरोध किया. उन्होने अखबारों की वो प्रति भी दिखाई, जिसमें साफ-साफ लिखा था कि सरकारी ब्लड बैंक खून के बदले प्रोसेसिंग चार्ज नहीं वसूल सकते. लेकिन जय जवान ब्लड बैंक के कर्मचारियों का कहना था कि सरकार की चिट्ठी अभी तक यहां पहुंची ही नहीं है. कई लोगों ने अपनी शिकायत लिखित रुप से दर्ज कराई है. न्यूज विंग से भी कई लोगों ने शिकायत की. हमारी टीम ने भी पाया कि जय जवान ब्लड बैंक मरीजों से प्रोसेसिंग चार्ज के रुप में 250 रुपये वसूल रहा है.

इसे भी पढ़ें- धनबाद सांसद ने मेयर को बताया ‘बेवकूफ’ तो मेयर ने दिलाई याद, प्रोटोकॉल में सांसद से ऊपर है महापौर

सिविल सर्जन ने कर्मियों को लगाई फटकार

इस सिलसिले में जब न्यूज विंग के प्रतिनिधि ने दूरभाष पर पलामू के सिविल सर्जन डा. कलानंद मिश्र से बात की तो पहले तो उन्होंने कहा कि सरकारी आदेश दो दिन पहले ही लागू कर दिया गया है और किसी भी मरीज से प्रोसेसिंग चार्ज नहीं लिया जा रहा है. लेकिन जब हमने उन्हें हकीकत से अवगत कराया गया तो सिविल सर्जन ने तत्काल ब्लड बैंक कर्मियों से जानकारी हासिल की. कर्मियों ने उन्हें भी सरकारी चिट्ठी नहीं आने का हवाला दिया. इस पर सिविल सर्जन ने कर्मियों को फटकार लगाते हुए कहा ‘अखबार नहीं पढ़ते हो’. उन्होंने कहा कि सरकार का पत्र आ गया है और इसी वक्त से नियम सख्ती से लागू करना सुनिश्चित करें.

एनआरएचएम देगा शुल्क

ब्लड बैंक से मिलने वाले खून के बदले जो प्रोसेसिंग चार्ज (250 रूपये) मरीजों से लिया जाता था, उसकी भरपाई राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) करेगा. प्रति यूनिट खून के बदले एनआरएचएम ब्लड बैंक को 350 रूपये का भुगतान करेगा. नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन के इस आदेश को लागू कर देने से गरीब मरीज राहत की सांस ले रहे हैं.

palamu_12

इसे भी पढ़ें- छह साल बीतने के बाद भी साईंनाथ यूनिवर्सिटी ने नैक को नहीं सौंपी अपनी रिपोर्ट

सरकारी अस्पताल के मरीजों को ही मिलेगा लाभ

इस योजना का लाभ सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को ही मिलेगा. निजी अस्पतालों या क्लिनिकों में इलाज करवा रहे मरीजों को पूरा प्रोसेसिंग चार्ज देना होगा. जानकारी के अनुसार एनएचआरएम ने सरकारी ब्लड बैंक से प्रोसेसिंग चार्ज नहीं लेने का निर्देश इसलिए दिया है कि लोगों को यह लगता है कि सरकार खून मुहैया कराने के नाम पर पैसा लेती है. सरकार का यह मानना है कि सरकारी ब्लड बैंक में खून स्वैच्छिक रक्तदान से आता है, इसलिए इसमें किसी प्रकार का शुल्क नहीं होना चाहिए. उम्मीद है कि इस फैसले के बाद स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों का झुकाव बढ़ेगा.

डिजिटल इंडिया में भी पत्र का समय से न मिलना हास्यास्पद: राकेश

युवा समाजसेवी और रक्त वितरण व्यवस्था को लेकर हमेशा सक्रिय रहने वाले राकेश तिवारी ने कहा कि डिजिटल इंडिया के दौर में दो दिन बाद पत्र का न मिलना हास्यास्पद लगता है. सूचना का अदान-प्रदान मिनटों में हो रहा है, लेकिन ब्लक बैंक कर्मियों और जिले के सिविल सर्जन को पत्र दो दिनों के बाद भी नहीं मिल पा रहा है. यह लूट-खसोट के लिए सरकारी बहानेबाजी का नमूना है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: