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#Palamu: बरकाकाना-वाराणसी पैसेंजर मेमू ट्रेन बन कर दौड़ी, चकाचक बोगियां देख कर यात्री रह गये हैरान

Palamu: धनबाद और मुगलसराय रेल मंडल के बीच बरकाकाना-वाराणसी पैसेंजर रेलगाड़ी मेमू ट्रेन बन कर दौड़ी. नया रेक और चकाचक बोगियां देख कर यात्री हैरान रह गये. आकर्षक रंगों (पीला और नीला) की यह मेमू ट्रेन जब डालटनगंज रेलवे स्टेशन पहुंची तो यात्री हैरान रह गये.

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विदित हो कि बरकाकाना से वाराणसी तक और वाराणसी से बरकाकाना तक चलने वाली बीडीएम पैसेंजर को अब मेमू ट्रेन के रूप में चलाया जा रहा है. अब इन दोनों अप-डाउन ट्रेन का नंबर भी बदल दिया गया है. पहले बरकाकाना से वाराणसी तक जानेवाली सवारी गाड़ी का नंबर 53525 था, जो अब 63557 हो गया, जबकि वाराणसी से बरकाकाना तक जानेवाली 53526 के स्थान पर 63558 हो गया है. इस मेमू ट्रेन की बोगियों का लुक भी नया कर दिया गया है.

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मेमू ट्रेन के हैं कई फायदे: एसएम 

डालटनगंज स्टेशन प्रबंधक अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि बरकाकाना-वाराणसी पैसेंजर को ही मेमू ट्रेन का रूप दिया गया है. इसमें तीन मोटर इंजन लगाये गये हैं. ट्रेन जब स्टेशन पर पहुंची तो कई यात्री खुश नजर आये.

मेमू ट्रेन के चलने की सूचना रखनेवाले यात्रियों में उत्सुकता देखी गयी. उन्होंने कहा कि इस ट्रेन में यात्रियों की सुविधा का ख्याल रखा गया है. अमूमन ऐसी ट्रेनों में शौचालय की व्यवस्था नहीं रहती, लेकिन इसमें लंबी दूरी को देखते हुए यह सुविधा दी गयी है.

चेन पुलिंग की संभावना इस ट्रेन में नहीं के बराबर है. सबसे खास बात यह है कि इस ट्रेन में विलंब की समस्या नहीं होगी और ट्रेन स्टार्ट होते ही तुरंत गति पकड़ लेगी. साथ ही स्टॉप आते ही जल्द रुक भी जाती है. इससे समय की बचत हो जाती है.

क्या है मेमू ट्रेन ?

मेनलाइन इलेक्ट्रिकल मल्टी यूनिट (मेमू) बिजली से चलने वाली मेन लाइन ट्रेन है, जो कि ज्यादातर एक शहर को दूसरे शहर से जोड़ने का काम करती हैं. मुंबई की लोकल कही जानी वाली ट्रेनें मेमू ही हैं. इन ट्रेनों में रफ्तार पैसेंजर ट्रेन से ज्यादा तेज होती है. यह ट्रेन मेट्रो शहरों के अलावा कई जगह सफल साबित हुई है. इसको चलाने के लिए एसी करंट की जरूरत होती है. धनबाद और मुगलसराय रेल डिविजन के बीच यह नया प्रयोग है.

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