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बिन ब्याही मां बनी युवती और उसके बच्चे को जान से मारने की कोशिश, पुलिस ने शिकायत लेने से किया इंकार

Palamu : पलामू जिले के पांडू थाना क्षेत्र में बिन ब्याही मां बनी एक 23 वर्षीय युवती और उसके बच्चे को जान से मारने के लिए हमला किया गया. महिला और उसके डेढ़ वर्ष के बच्चे को गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की गयी.

बीच बचाव करने पर युवती के 12 वर्षीय भाई की भी पिटायी की गयी. सबसे बड़ी बात यह रही कि घटना के बाद जब युवती पांडू थाना में मौखिक शिकायत लेकर पहुंची तो उसे वहां से भगा दिया गया.

परेशान युवती पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर पहुंची और न्याय के लिए गुहार लगायी. इसके बाद उसके मामले में विश्रामपुर के एसडीपीओ सुरजीत कुमार ने संज्ञान लिया.

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डीएसपी सुरजीत ने बताया कि युवती के लिखित बयान पर मामला दर्ज करने के लिए आवेदन पांडू थाना भेजा गया है. उन्होंने कहा कि पांडू थाना से युवती को भगाया नहीं गया था, बल्कि उसे लिखित आवेदन देने के लिए बोला गया था, लेकिन युवती मेदिनीनगर चली आयी. हालांकि मामले में संज्ञान ले लिया गया है. कार्रवाई शुरू कर दी गयी है.

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क्या है मामला?

दरअसल, पांडू थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती शादी से पहले की मां बन गयी है और उसे एक डेढ़ माह का बच्चा भी है. एमएससी तक की पढ़ायी करने वाली युवती पिछले चार वर्ष से परेशान है. प्रेम संबंध में पड़कर उसका हाल बुरा हो गया है.

मामला वर्ष 2017 का है. युवती रेहला के लक्ष्मी चन्द्रवंशी कॉलेज से बीएससी कर रही थी. इस सिलसिले में वह टयूशन के लिए मेदिनीनगर आयी. यहां जीएलए कॉलेज रोड में एक महिला मित्र के साथ रहने लगी.

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महिला मित्र के चचेरे भाई से बना प्रेम संबंध

महिला मित्र का चचेरा भाई पांडू के रबरा निवासी मिथिलेश कुमार अक्सर अपनी बहन से मिलने आता था. इसी क्रम में मिथिलेश और युवती के बीच पहचान बढ़ी और प्रेम संबंध की शुरूआत हुई.

युवती का आरोप है कि मिथिलेश शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ हमेशा शारीरिक संबंध बनाता रहा. 2018 में वह गर्भवती हो गयी. इसी बीच 2018 में ही मिथिलेश को वन विभाग में नौकरी लग गयी. उसकी पोस्टिंग नावाबाजार में है.

इसी बीच प्रेग्नेंट होने की जानकारी देकर जब मिथिलेश पर शादी के लिए दबाव डाला तो उसने उससे दूरी बनानी शुरू कर दिया. अक्टूबर 2019 में उसने बिन ब्याही बच्चे को जन्म दिया. समाज के तानो के बीच वह बच्चे को जन्म देकर उसका पालन पोषण कर रही हैं.

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छह माह के लिए मिथिलेश गया जेल

पीड़ित युवती ने बताया कि गर्भवती होने पर मिथिलेश ने उससे शादी नहीं की तो उसने इसकी शिकायत महिला थाना में की थी. महिला थाना ने कार्रवाई करते हुए अप्रैल 2019 में मिथिलेश को जेल भेज दिया.

करीब छह माह मिथिलेश जेल में रहा. इस बीच वन विभाग में सुलह के लिए बैठक हुई. मिथिलेश के पिता ने भरोसा दिलाया कि जेल से निकलते ही मिथिलेश उससे शादी कर लेगा, लेकिन जेल से बाहर आते ही मिथिलेश के तेवर पूर्व की तरह हो गए.

वह फिर से शादी से मुकरने लगा. इसी बीच थकी हारी युवती अपनी मां बाप के साथ अपने घर पांडू थाना क्षेत्र में रह रही है.

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लड़की से चाचा-चाची ने की हत्या की कोशिश

युवती का आरोप है कि उसके चाचा भगतू पाल और उसकी पत्नी ललिता देवी व अमृत पाल गुरूवार को अचानक उसके घर पहुंच गए. मिथिलेश का पक्ष लेकर केस उठाने की धमकी देने लगे.

मना करने पर उन्होंने गला दबाकर पर उसे और उसके बच्चे की हत्या करने की कोशिश की। बीच बचाव करने पर उसके 12 वर्षीय भाई की पिटायी की. घटना के समय उसकी मां उसके घर नहीं थी. जब थाना गयी तो उसकी शिकायत सुनने से इंकार कर दिया गया और भगा दिया गया.

एटक के राज्य सचिव ने दिया सहारा

मेदिनीनगर आने पर एटक के राज्य सचिव राजीव कुमार ने युवती को सहारा दिया. युवती और उसका परिवार राजीव कुमार के रेलवे कॉलोनी स्थित घर पर सुरक्षित रह रही है. यही से रहते हुए आज उसने डीएसपी को इस संबंध में कार्रवाई के लिए आवेदन दिया है.

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