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पलामू: समय पर नहीं पहुंचा एम्बुलेंस, बीच सड़क पर महिला ने दिया बच्चे को जन्म, नवजात की मौत

Palamu: राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रामचन्द्र चन्द्रवंशी के गृह जिले पलामू में एक महिला को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल सका. इस वजह से सड़क के किनारे ही उसका प्रसव कराना पड़ा. इसमें नवजात की मौत गयी. बच्चे की मौत के बाद महिला अचेत हो गयी थी.

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साइकिल पर आ रही थी महिला

जिले के सतबरवा प्रखंड अंतर्गत ठेमा नहर के पास पलामू किला रोड के किनारे एक गर्भवती महिला साइकिल से प्रसव कराने के लिए आ रही थी. दर्द बढ़ने पर महिला सड़क पर बैठ गयी.

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इसी बीच उस मार्ग से लौट रहे कुछ लोग और एक पत्रकार ने फोन कर एम्बुलेंस को बुलाया, ताकि महिला को समुचित इलाज मिल पाये. परन्तु एम्बुलेंस के आने में विलम्ब हुआ और महिला ने सड़क के किनारे ही एक बच्चे को जन्म दे दिया.

स्थानीय महिलाओं ने की देखभाल

हालांकि नवजात के मृत होने की जानकारी मिलते ही महिला अचेत हो गयी. घटना की सूचना मिलने पर आस पास से लक्ष्मी देवी, नन्हकी देवी व अन्य स्थानीय महिलाएं मौके पर पहुंचीं और प्रसव पीड़ित महिला की देखभाल की.

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पति और बच्चे के साथ अकेले थी महिला

महिला की पहचान रबदा गांव के कुकुरबंधवा टोला के गुडडू सिंह की 22 वर्षीय पत्नी अंजू सिंह के रूप में की गयी. बच्चे का जन्म होने के बाद एम्बुलेंस कर्मियों ने महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने को कहा, परन्तु देर होता देख महिला को वहीं छोड़ चलते बने.

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बाद में परिजन हालत सामान्य होने पर महिला को लेकर घर चले गये.

आधे घंटे बाद पहुंचा एम्बुलेंस

इस सम्बन्ध में स्थानीय लोगों ने बताया की हम लोगों ने देखा कि एक महिला दर्द से कराह रही है. उसके साथ सिर्फ पति और छोटा बच्चा था. तुरंत एम्बुलेंस को फोन किया, परन्तु एम्बुलेंस के आने में लगभग आधा घंटा लग गया और महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया. बताया कि एम्बुलेंस कर्मी महिला को इलाज के लिए जाने को कह रहे थे, परन्तु देर होता देख वो चले गये. इधर सहिया सुनीता सिंह ने बताया कि उक्त गांव की सहिया शांति देवी है.

सहिया की लापरवाही उजागर

सहिया को लोगों को घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की जानकारी रखनी चाहिए और उनका नियमित टीकाकरण और समुचित इलाज सुनिश्चित करवाना चाहिए. परन्तु गुड्डू सिंह की पत्नी के साथ ऐसा नहीं हुआ. इलाके की सहिया की लापरवाही इसमें प्रतीत होती है. अगर मामले में सहिया द्वारा थोड़ी भी संदीजदी दिखायी जाती तो बच्चे की जान बच सकती थी.

इधर, सतबरवा प्रखंड के बीडीओ उज्ज्वल सोरेन ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच की जायेगी. जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

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