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पलामू : बेटे के लेन-देन में गयी कांग्रेसी नेता अजय दुबे की जान

अब तक तीन आरोपी भेजे गए जेल

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Palamu : कांग्रेस पार्टी के युवा नेता सह पूर्व पंचायत समिति सदस्य अजय दुबे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. गुरुवार की शाम हत्याकांड में शामिल तीसरे आरोपी उमेश कुमार की गिरफ्तारी के बाद इस हत्याकांड से पूरी तरह पर्दा उठ गया. कांग्रेसी नेता की हत्या के पीछे पूर्व से ही पैसों की लेन-देन की चर्चा थी. उमेश की हुई गिरफ्तारी और उससे पुलिसिया पूछताछ के बाद लेन-देन का मामला सही साबित हुआ, लेकिन लेन-देन कांग्रेसी नेता ने नहीं, बल्कि उसके बेटे और इस केस के वादी शुभम कुमार उर्फ सौरभ दुबे ने की थी. बेटे के कर्ज और इससे बढ़े विवाद के कारण अजय दुबे की हत्या हुई.

प्रवीण ने खोले राज 

शहर थाना प्रभारी आनंद कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिसिया दबिश से घबराकर गत 8 जनवरी को अजय दुबे हत्याकांड का मुख्य आरोपी प्रवीण ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया. उसे रिमांड पर लिया गया. कड़ाई से पूछताछ की गयी तो प्रवीण ने पूरी गुत्थी सुलझा दी. प्रवीण की निशानदेही पर तीसरे आरोपी चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नेउरा गांव का निवासी उमेश कुमार की हुई.

उमेश से कांग्रेस नेता के बेटे ने की थी लेन-देन   

उमेश को गिरफ्तारी करने के बाद उससे पूछताछ की गयी. उसने बताया कि कांग्रेसी नेता अजय दुबे के बेटे शुभम उर्फ सौरभ दुबे को एक लाख 80 हजार रुपये दिये थे, जिसमें 50 हजार का मेडिसीन उसे मिला था. शेष एक लाख 30 हजार रुपये वह शुभम से लगातार मांग करता रहा, लेकिन उसने पैसा नहीं दिये.

पैसों की रिकवरी के लिए प्रवीण से साधा गया संपर्क 

लगातार मांगने पर जब उमेश को पैसे नहीं मिले तो उसने सूरज कुमार (प्राथमिकी अभियुक्त) के माध्यम से प्रवीण कुमार (प्राथमिकी अभियुक्त) से संपर्क साधा. इसके बाद मिलकर पैसे मांगने का निर्णय हुआ. इसके बाद पैसों की मांग शुभम के पिता अजय दुबे से की गयी. शुभम की तरह अजय दुबे ने भी पैसे देने से इनकार कर दिया. इसके बाद आक्रोश में आकर कांग्रेसी नेता अजय दुबे को गोली मारी गयी.

27 दिसंबर को मारी गयी थी गोली

थाना प्रभारी ने बताया कि गत 27 दिसंबर को गोली लगने के बाद जख्मी हालत में कांग्रेसी नेता को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए रांची भेज दिया था. जहां इलाज के दौरान गत पांच जनवरी को उनकी मौत हो गयी. इस हत्याकांड में शामिल उमेश का साथी मिथुन सिंह का भी नाम सामने आया है, जिसके नाम पता का सत्यापन कर गिरफ्तारी हेतु पुलिस छापामारी कर रही है. अब तक सूरज कुमार, उमेश और प्रवीण न्यायिक हिरासत में भेजे जा चुके हैं.

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