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पलामू : छठ पर्व पर प्रशासन अलर्ट, घाटों पर किए गए सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंध

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Palamu : लोक आस्था का महापर्व छठ को लेकर पलामू में प्रशासनिक व्यवस्था चाक-चौबंद हो गयी है. कोयल नदी के अलावा अमानत नदी तट पर दंडाधिकारियों के साथ पुलिस बलों की विशेष तैनाती की गयी है. कुछ जवानों को सिविल ड्रेस में भी लगाया गया है. छठ पूजा के दौरान जिन रूटों पर श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा उमड़ती है, उस रूट पर बड़े मालवाहक सहित अन्य वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी. मंगलवार की दोपहर से शाम तक शहर के कई रूटों में बदलाव किया जायेगा.

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अमानत नदी घाट पर होती है गंगा आरती

कोयल नदी तट और अमानत नदी घाट पर प्रशासन की विशेष नजर है. इन दोनों घाटों पर भगवान भाष्कर को अर्घ्‍य देने के लिए हर साल हजारों की भीड़ उमड़ती है. साथ ही अमानत नदी घाट पर गंगा आरती भी होती है. छठव्रती की सुविधा को देखते हुए कई वाटरप्रुफ पंडाल के साथ चेंजिग रूम भी बनाये गये हैं. साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर घाट पर वॉच टावर भी बनाये गये हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रहे.

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संवेदनशील इलाके में पुलिस बल की तैनाती

इधर, पलामू सहित झारखंड के अन्य जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा ने अलर्ट किया है. विशेष शाखा ने सुरक्षा से संबंधित कई बिंदुओं पर निर्देश भी दिये हैं, ताकि छठ पर्व के दौरान कोई तनाव, दुर्घटना या अनहोनी ना हो. अलर्ट के रूप में छह माह पूर्व के दौरान पूर्व में घटित घटनाओं के बारे में जानकारी दी गयी है.अलर्ट करते हुए कहा गया कि छठ घाट में होने वाली भीड़ का लाभ उठाकर असमाजिक तत्व विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न कर सकते हैं. इस तरह की घटनाओं के नियंत्रण के लिए उपद्रवी तत्व को चिन्हित करते हुए संवेदनशील इलाके में पुलिस बल की तैनाती करें. छठ के दौरान रात में सघन गश्ती सुनिश्चित करें.

देर शाम और अहले सुबह सुरक्षा में किसी तरह की कोई कोताही नहीं बरते, क्योंकि इसी अवधि में महिलाएं घर से आती और जाती हैं. आने-जाने के दौरान कई ऐसे इलाके होते हैं, जो सुनसान रहते हैं. घाट पर गलत तरीके से किसी तरह की आतिशबाजी को रोके और प्रचार माध्यम से जागरूकता फैलाएं. जलाशयों में अधिक गहराई पर ना तो व्रतियों को उतरने दें या फिर बच्चे या फिर परिवार के अन्य सदस्यों को. जहां पानी में गहराई ज्यादा हो वहां जवानों को टयूब के साथ विशेष रूप से तैनात रखें.

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