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पलामू: साईबर अपराध की शिकार हुई सरकारी शिक्षिका, फर्जी बैंककर्मी बनकर खाते से उड़ाये दो लाख रुपये

अनपढ़ लोगों के साथ घटना होने पर लोग उन्हें जागरूक होने की नसीहत देते हैं, लेकिन जब बात पढ़े लिखे लोगों की आ जाये तो क्या कहेंगे?

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Palamu :  साईबर अपराध को लेकर चल रहे तमाम जागरुकता कार्यक्रम के बावजूद लोग इसके ठगी के शिकार हो जा रहे हैं. अनपढ़ लोगों के साथ घटना होने पर लोग उन्हें जागरूक होने की नसीहत देते हैं, लेकिन जब बात पढ़े लिखे लोगों की आ जाये तो क्या कहेंगे? पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में कुछ ऐसी ही घटना सामने आयी है. यहां एक सरकारी शिक्षिका से लगभग दो लाख रुपयों की ठगी साईबर अपराधियों द्वारा किये जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है. घटना की प्राथमिकी भुक्तभोगी शिक्षिका माधुरी देवी ने स्थानीय साईबर थाना में दर्ज करा दी है. पुलिस भी मामले को खंगालने में जुट चुकी है, लेकिन साईबर थाने का अब तक का रिकार्ड देखने से ज्ञात होता है कि इस तरह के दर्ज मामलों में शायद ही पुलिस किसी को  न्याय दिलाने में सफल हो सकी हो.

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पिन कोड के साथ ओटीपी नंबर पूछकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया

राजकीय आदर्श मध्य विद्यालय मेदिनीनगर-नावाटोली की सहायक शिक्षिका माधुरी देवी के अनुसार कल स्कूल अवधि में उनके मोबाईल पर एक कॉल आया. कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम रमेश कुमार सिंह बताते हुए एसबीआई की मुंबई ऑफिस का बैंककर्मी होने का परिचय दिया. उसने कहा कि आपके मोबाईल पर दो-चार दिनों से मैसेज भेजा जा रहा है कि आप अपने बैंक खाता को आधार से तुरंत लिंक करा लीजिए, लेकिन आपके द्वारा इसकी लगातार अनदेखी की जा रही है. यह कहते-कहते कथित बैंककर्मी ने शिक्षिका से यह भी कहा कि आप तुरंत बैंक के एटीएम कार्ड का पिन नंबर बतलाईए, वरना आपका बैंक खाता स्थाई रूप से बंद हो जायेगा.

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झांसे में आ गयी शिक्षिका

जालसाज ने शिक्षिका को उनके खाते का पिन कोड का पहला दो डिजीट भी बताया, जिससे शिक्षिका माधुरी देवी ठग के झांसे में आ गयी. . हालांकि उन्होंने हंसते-हंसते उस हैकर्स से पूछा कि आप पिन कोड पूछकर मेरा पैसा तो नहीं उड़ा लेंगे?, इसपर कथित बैंककर्मी ने अपना नाम बतलाते हुए दावे के साथ कहा कि मेरा नाम रमेश कुमार सिंह है, आप कहीं पता कर लीजि‍ए. इसके बाद विश्वास से लबालब शिक्षिका ने अपने बैंक खाता का पिन कोड बतला दिया और देखते-देखते साईबर अपराधी ने महज कुछ मिनटों में 49-49 हजार करके चार बार में शिक्षिका के पैसे उड़ा लिये.

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वार्ड पार्षद की पत्नी है शिक्षिका

भुक्तभोगी शिक्षिका माधुरी देवी के पति प्रदीप कुमार अकेला वार्ड पार्षद हैं. बता दें कि ऐसी ही एक घटना कल हुसैनाबाद में भी हुई है, जिसमें साईबर अपराधियों ने एक पारा शिक्षक के खाते से हजारों रुपये की ठगी की घटना को अंजाम दिया है. हैरत तो यह है कि लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं के बाद भी लोग नहीं चेत रहे हैं. एसबीआई समेत अन्य बैंकों द्वारा अपने खाताधारियों को जिनके मोबाईल नम्बर खाते से लिंक हैं, उन्हें एसएमएस भेज कर ऐसे साईबर अपराधियों से सावधान किया जाता है.

जागरुकता कार्यक्रमों का नहीं हो रहा असर

बैंक द्वारा ग्राहकों को भेजे गये संदेश में साफ बताया जाता है कि कोई भी बैंक का कोई अधिकारी किसी ग्राहक को फोन करके कभी उसका कोड या ओटीपी की डिमांड नहीं करता. अगर कोई करता है तो वह फर्जी है. बैंक द्वारा ऐसे लोगों की सूचना तत्काल पुलिस या बैंक अधिकारी को दिये जाने की सलाह भी दी जाती है. इसके बावजूद साईबर अपराधियों के झांसे में पड़कर लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं.

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