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पलामू: राष्ट्रीय कृषि बाजार ई-नाम योजना से 732 किसान जुड़े, 24 लाख 58 हजार 681 रुपये की बिक्री कर कमाया मुनाफा

Palamu : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि प्रत्येक किसान समृद्ध हो. उसकी आमदनी दोगुनी हो. इसके लिए उन्होंने कई कार्य योजनाओं की घोषणा भी कर दी है. इन पर तेजी से काम शुरू हो चुका है. ऐसी ही एक पायलट प्रोजेक्ट योजना है राष्ट्रीय कृषि बाजार ई-नाम. इस योजना को भारत सरकार और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा है.

 

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इस योजना का लाभ पलामू के किसान भी लेने लगे हैं. इस योजना से निबंधित किसान 24 लाख 58 हजार 681 रुपये की बिक्री कर मुनाफा भी कमा चुके हैं. 732 किसान अब तक इस ट्रेडिंग पोर्टल से जुड़े हैं. पलामू के 60 ट्रेडर्स ने भी अपना रजिस्ट्रेशन करा रखा है.

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मेदिनीनगर कृषि उत्पादन बाजार समिति के सचिव उत्तम कुमार बताते हैं कि राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुड़कर कृषक को उपज का उचित एवं सही मूल्य मिलेगा. उन्होंने बताया कि ई-नाम पोर्टल पर तकरीबन 1 हजार मंडिया जुड़ चुकी हैं. किसान कृषि उत्पादों महुआ, धान, अरहर, मकई, तिल आदि बेचे, उन्हें अच्छा मुनाफा मिलेगा.

किसानों से अपील की और इस योजना से जुड़े. उन्होंने बताया कि डिजिटल पेमेंट किसान के खाते में नहीं पहुंच जाती तब तक माल खरीददार तक नहीं पहुंचता. सारा लेन-देन कृषक के सामने होता है. यह बिल्कुल पारदर्शी है.

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किसान कैसे करते हैं कारोबार

किसानों के लिए ई-ट्रेडिंग (इलेक्ट्राॅनिक नेटवर्किंग बाजार) है. जहां पर किसान नजदीक की मंडी में अपने उत्पादों को ऑनलाइन सूचीबद्ध कराकर बिक्री कर सकते हैं और कोई भी व्यापारी कहीं से भी किसी मंडी से उस उत्पाद की बोली लगाकर क्रय कर सकता है. इसका परिणाम यह होगा कि बाजार मूल्य में पारदर्शिता आएगी और किसानों को इससे अधिक लाभ होगा. इसके लिए कई स्तरों पर तैयारी करते हुए मेदिनीनगर बाजार समिति में कृषि उपज का क्रय-विक्रय ई-ट्रेडिंग के माध्यम से तैयारी की गयी है.

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विदित हो कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत् 14 अप्रैल 2016 को पायलट प्रोजेक्ट योजना के अंतर्गत ई-ट्रेडिंग का शुभारंभ राजधानी रांची सहित देश के आठ राज्यों के 21 मंडियों में किया था.

चार वर्षों के बाद अब इससे 100 मंडी जुड़ गयी हैं. मेदिनीनगर कृषि उत्पादन बाजार समिति भी इनमें से एक ई-ट्रेडिंग सेंटर है. योजना के शुरू होने के बाद मेदिनीनगर में अत्याधुनिक भवन बनाया गया और संसाधनों से लैश किया गया.

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