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पलामू: छह करोड़ की चैनपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना बंद ! 10 दिनों से जलापूर्ति ठप

बहुपंचायत की अध्यक्ष का इस्तीफा

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Palamu: पलामू जिला मुख्यालय डालटनगंज से सटे चैनपुर जलापूर्ति योजना बंद होने के कगार पर पहुंच गयी है. छह करोड़ की जलापूर्ति योजना पिछले दस दिनों से बंद पड़ी है. और इसके आगे शुरू होने की संभावना काफी कम नजर आ रही है. प्लांट से लेकर इंटकवैल के कर्मी छुट्टी पर हैं, तकनीकी खराबी आने के कारण केन्द्र में ताला लगा दिया गया है. इसके साथ ही सरकार की चैनपुर प्रखंड क्षेत्र की आधा दर्जन से अधिक पंचायतों के गांवों में कोयल नदी का फिल्टरयुक्त स्वच्छ पानी पहुंचाने की दूरदर्शी सोच को गहरा झटका लगा है.

क्यों बनी ऐसी स्थिति?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चैनपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना की देखरेख कर रही बहुपंचायत की अध्यक्ष और चैनपुर की पूर्व मुखिया पूनम सिंह ने साथी मुखिया और जलसहिया के असहयोग रवैये से तंग आकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता को त्यागपत्र सौंप दिया. और कार्यपालक अभियंता से जलापूर्ति योजना को अपने अधिकार में लेने का आग्रह किया है. श्रीमती सिंह ने कहा है कि लंबे समय तक उन्होंने जैसे-तैसे जलापूर्ति योजना को खींचने का काम किया, लेकिन अब उनका धैर्य टूट चुका है.

मुखिया और जलसहिया बहुपंचायत अध्यक्ष को नहीं देते रेस्पॉन्स 

मुखिया और जलसहिया के अधीन जलकर का लाखों रूपया बकाया है. कुछ पैसे मुखिया और जलसहिया के पास जमा हैं, लेकिन बहुपंचायत को जलापूर्ति नियमित करने के लिए पैसे देने को कोई तैयार नहीं हो रहा है. प्रत्येक माह बहुपंचायत की अध्यक्ष द्वारा जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं को लेकर बैठक बुलायी जाती है, लेकिन इसमें शामिल होने के लिए मुखिया और जलसहिया के पास समय नहीं होता. वे बैठक में भाग नहीं लेते और टाल-मटोल का रवैया अपनाते हैं.

कुछ दिन पहले एक पैनल में तकनीकी खराबी आ गयी है. अब बहुपंचायत के पास इतने पैसा नहीं है कि इस फॉल्ट को ठीक कराया जा सके. लाखों रूपये रहने के बावजूद 10 दिन बीत जाने के बाद भी खराबी को ठीक नहीं कराया गया. स्टॉफ पेमेंट, मशीन की तकनीकी खराब आने पर त्वरित गति से समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है.

जलकर का सवा तीन लाख रूपया बाकी?

चैनपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना नेउरा, भड़गांवा, झरीवा, शाहपुर उतरी और दक्षिणी पंचायत के साथ-साथ चैनपुर क्षेत्र तक पहुंची है. जलापूर्ति योजना को गति देने और बेहतर संचालन के लिए इन पंचायत क्षेत्र के मुखिया ने मिलकर बहुपंचायत बना रखी है. जलापूर्ति के लिए दो हजार से ज्यादा ग्राहक हैं. उनसे प्रतिमाह न्यूनतम 50 रूपया जलकर लिया जाता है. जलकर वसूलने का काम मुखिया और जलसहिया करते हैं. एक अनुमान के अनुसार, नवम्बर माह तक इन पंचायतों में जलकर का तीन लाख से ज्यादा की रकम बकाया है. नेउरा पंचायत क्षेत्र में डेढ़ लाख से ज्यादा और झरीवा पंचायत क्षेत्र में सबसे कम 14 हजार से आस-पास की राशि बकाया है.

प्रस्ताव मांगने पर नगर निगम को किया जायेगा हैंडओवर: एसई

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि चैनपुर जलापूर्ति योजना का संचालन बहुपंचायत कर रही है. बहुपंचायत की अध्यक्ष पूनम सिंह ने उन्हें जानकारी दी कि साथी मुखिया और जलसहिया उन्हें किसी तरह से सहयोग नहीं करते. नतीजा माइनर फॉल्ट के कारण जलापूर्ति योजना बंद पड़ी है. दरअसल, शाहपुर-चैनपुर का इलाका अब नगर निगम में शामिल हो गया है, इसलिए अब इसका संचालन निगम को करना चाहिए. अगर निगम उनसे प्रस्ताव मांगता है तो बहुपंचायत से प्रक्रिया पूरी कर उन्हें सौंप दी जायेगी. इसमें अगर समय लगा तो माइनर फॉल्ट बड़ा रूप ले लेगा और तकनीकी परेशानी ज्यादा बढ़ जायेगी.

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