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पलामू: सेवा सामंजन के लिए नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय के 20 कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार

विश्वविद्यालय पर लगाया नजरअंदाज का आरोप

Palamu: नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के 20 अस्थाई कर्मियों के द्वारा आज कार्य बहिष्कार कर धरना दिया गया. इस दौरान उच्च न्यायालय के निर्णय के आलोक में सेवा सामंजन करते हुए राज्य सरकार को प्रस्ताव प्रेषित करने की मांग की गयी.

कर्मियों ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना काल से कार्यरत 21 अस्थाई कर्मियों की सेवा सामंजन के संबंध में उच्च न्यायालय द्वारा निदेश दिया गया है और विश्वविद्यालय प्रशासन को अधिकृत किया गया है. इस पर कार्रवाई हेतु विश्वविद्यालय द्वारा एक समिति का गठन किया गया था. समिति ने भी इन 21 कर्मियों की सेवा सामंजन किए जाने की अनुशंसा की है.

इसी संबंध में जनवरी में हुई अभिषद की 63वीं बैठक में प्रस्ताव लाया गया. सभी सदस्यों ने संबंधित कर्मियों की सेवा समंजन करते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव प्रेषित करने का निर्णय लिया था, परंतु विश्वविद्यालय द्वारा गठित समिति की अनुशंसा एवं अभिषद के द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय को अभिषद की कार्रवाई में नहीं लाया गया और अभिषद के सर्वसम्मति को नजर अंदाज करते हुए कर्मियों की सेवा सामंजन करने हेतु राज्य सरकार को प्रेषित करने का निर्णय लिया गया.

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कर्मियों ने कहा कि नियम परिनियम के आलोक में कर्मियों की सेवा सामंजन करने हेतु विश्वविद्यालय प्रशासन को ही अधिकार है. राज्य सरकार द्वारा सेवा समंजन नहीं किया जा सकता है. इस संबंध में राज्य सरकार के पत्रांक 1275 दिनांक 27.06.2018 में भी स्पष्ट निर्देश अंकित किया गया है, परंतु इसे भी विश्वविद्यालय प्रशासन मानने को तैयार नहीं है.

अभिषद की बैठक में एसएसजेएसएन कॉलेज गढ़वा के 29 कमियों के वर्ष 2017 में नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय द्वारा किए गए सेवा सामंजन के अनुरूप ही कार्रवाई करने का भी निर्देश सदस्यों के द्वारा दिया गया था, परंतु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इसे भी अभिषद की कार्रवाई में शामिल नहीं किया गया.

विरोध प्रदर्शन का नैतिक समर्थन करते हुए झारखंड विश्वविद्यालय शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय प्रक्षेत्र के अवध किशोर सिंह, रमेश कुमार सिंह, मोहम्मद जमील अख्तर, सेवानिर्वित शिक्षक डॉ एमके सहाय, डॉ एसके मोहन, डॉक्टर एके सिंह, सेवानिर्वित शिक्षकेतरकर्मी सालिक राम पांडे, शिव नारायण सिंह आदि भी शामिल हुए.

धरना में अनुप्रास, अविनाश, नवनीत, सौरव, सचिन, आदित्य, राहुल, मनोज, शंकर राम, मुकेश, शशि प्रजापति, शाहनवाज, रवि, ऋषि, सुनील, आरके मिश्रा, संजय, ऋषिकेश दुबे, मनमोहन पासवान एवं उदय उपाध्याय शामिल थे.

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