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पाकिस्तान एक दशक बाद 2021 में शीर्ष क्रिकेट देशों की मेजबानी के लिए तैयार

Islamabad :  श्रीलंकाई टीम की बस पर 2009 में हुए आतंकवादी हमले के कारण लगभग एक दशक से टेस्ट मैचों की मेजबानी करने में विफल रहे पाकिस्तान का कहना है कि वह 2021 में दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज जैसे प्रमुख क्रिकेट राष्ट्रों का स्वागत करने के लिए तैयार है.

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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वसीम खान ने ‘ द एसोसिएडेड प्रेस’ से कहा, ‘‘ हम (अन्य) क्रिकेट बोर्ड के साथ रिश्तों को बेहतर करने पर काम कर रहे हैं.’’  दक्षिण अफ्रीका दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलने के लिए जनवरी में पाकिस्तान का दौरा करना है, जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है. इसके बाद उन्हें तीन मैचों की टी-20 श्रृंखला में भी भाग लेना है.

न्यूजीलैंड को सितंबर (2021) में तीन एकदिवसीय और पांच टी-20 मैचों के लिए और फिर इंग्लैंड को दो टी-20 मैचों के लिए पाकिस्तान का दौरा करना है. इंग्लैंड का यह 2005 के बाद पाकिस्तान का पहला दौरा होगा.

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पीसीबी ने दिसंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ भी घरेलू श्रृंखला की योजना बनायी है. खान ने कहा, ‘‘ हमारे लिए अगले आठ-दस महीने घरेलू क्रिकेट के नजरिये से काफी अहम है.’’  उन्होंने कहा, ‘‘ हम क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ भी चर्चा कर रहे हैं. वे 2022 सत्र के दौरान दौरा करने वाले हैं, हम चाहते है कि वे अधिक समय के लिए यहां आये.’’

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श्रीलंका की टीम पर 2009 में आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए दरवाजे बंद हो गये थे. इसके बाद पाकिस्तान का दौरा करने वाली जिम्बाबवे पहली टीम बनी. उसने 2015 सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिए पाकिस्तान का दौरा किया था.

पिछले साल श्रीलंका ने दो पांच दिवसीय मैचों के लिए पाकिस्तान का दौरा किया था. बांग्लादेश को भी दो मैचों के लिए पाकिस्तान का दौरा करना था लेकिन एक टेस्ट के बाद कोविड-19 कारण दूसरा टेस्ट निलंबित हो गया.

इस दौरान पाकिस्तान सुपर लीग के घरेलू आयोजन में ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉटसन और दक्षिण अफ्रीका के डेल स्टेन तथा एबी डिविलियर्स जैसे अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों ने भाग लिया. खान ने कहा कि इन अंतरराष्ट्रीय खिलाडियों के आने से बोर्ड को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली. उन्होंने कहा, ‘‘ इनमें से बहुत से खिलाड़ियों ने अपने देशों में वापस जाकर कहा कि पाकिस्तान खेलने के लिए सबसे सुरक्षित जगहों में से एक है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ ये वो क्रिकेटर हैं जो अपने-अपने क्रिकेट बोर्ड से जुड़े हैं. इन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के लिए यहां आने से पहले पाकिस्तान की (अलग) धारणा थी. खान को हालांकि अभी भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट की बहाली की उम्मीद नहीं है. कश्मीर मुद्दे पर खराब द्विपक्षीय रिश्तों के कारण के कारण दोनों पड़ोसी देश सिर्फ विश्व कप, चैम्पियन्स ट्राफी और एशिया कप जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में एक-दूसरे के खिलाफ खेलते है.

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