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पहाड़ी मंदिर : दो दिनों की गिनती में 7,26,100 रुपये प्राप्त, 12 दानपेटियों को खोलना अभी भी बाकी

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Ranchi : राजधानी के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में लगातार नोटों और सिक्कों की गिनती जारी है. बुधवार को छोटी-बड़ी कुल सात दानपेटियां खोली गयीं. इसमें कुल 2,76,600 रुपये की गिनती हुई. इसमें 1,37,600 रुपये नोट और 1,39,000 रुपये के 1, 2, 5 और 10 रुपये सिक्कों को गिनकर अलग किया गया. दो दिन की गिनती में कुल 7,26,100 रुपये की गिनती हो चुकी है. अभी 12 दानपेटियों को खोलकर उनमें रखे पैसों की गिनती होनी बाकी है. नोटों की गिनती करने के लिए वरीय पदाधिकारी एनी रिंकू कुजूर समेत पांच मजिस्ट्रेट और छह कर्मचारियों को लगाया गया है. इसके अलावा नोट गिनने में मंदिर समिति के एक सदस्य, पुजारी और श्रद्धालुओं का भी सहयोग लिया गया. पैसों की गिनती करने की जिम्मेदारी सीआई कमलकांत वर्मा, दिलीप प्रसाद गुप्ता, चंचल किशोर प्रसाद,  रंजीत रजंन, रमेश कुमार रविदास, कर्मचारी, राजेश कुमार, संतोष साहू, भानु प्रताप शाही, प्रदीप रफाइल खलखो एवं गुरुआ सिंह मुंडा को सौंपी गयी है. बुधवार को नोटों की गिनती के उपरांत प्रशासन के पदाधिकारियों ने मंदिर समिति को नोट सौंप दिये एवं उनसे रिसीविंग ले ली.

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अब तक लगभग डेढ़ लाख रुपये हो गये बर्बाद

नोटों की गिनती के दौरान सड़े-गले नोटों की संख्या में इजाफा हुआ है. जैसे-जैसे दानपेटियों को खोला जा रहा है, कटे-फटे, गले नोट बरामद मिल रहे हैं. इन नोटों को छांटकर अलग किया जा रहा है. फिलहाल अच्छे और साबुत नोटों की गिनती हो रही है. कटे-फटे नोटों की गिनती बाद में होगी. लेकिन, मंदिर के पुजारियों के अनुसार दो दिनों की गिनती के पश्चात एक आकलन लगाया जाये, तो लगभग दान में दिये गये डेढ़ लाख रुपये बबार्द हो चुके हैं. मंदिर के पुजारी मनोज ने बताया कि तीन महीने से मानदेय नहीं मिला है. पहले प्रत्येक 15 दिन में दानपेटी खोली जाती थी, जिससे मानेदय व मंदिर का अन्य खर्चा निकल जाया करता था. लेकिन, प्रशासन द्वारा रोक लगाये जाने के बाद सभी कामों पर विराम लग गया.

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2,90,500 रुपये बैंक में कराये गये जमा

पहाड़ी मंदिर की दानपेटी से मिले नोटों को बैंक में जमा कराया गया. मंगलवार को गिनती शुरू हुई थी. प्रथम दिन लगभग साढ़े चार लाख रुपये की गिनती हुई थी. इनमें से 2,90,500 रुपये बुधवार को मेन रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा में जमा कराये गये.

सिक्कों को लेकर मंदिर प्रशासन की बढ़ी परेशानी, पहले से भी पड़े हुए हैं आठ लाख के सिक्के

मंदिर समिति की प्रबंधन समिति के सदस्य सुनील माथुर ने बताया कि दान में मिले सिक्कों को लेकर ज्यादा परेशानी रहती है. दो दिन की गिनती में दो लाख रुपये के सिक्के निकल चुके हैं. अभी 12 दानपेटियों को खोलकर पैसों की गिनती करना शेष ही है. उन्होंने बताया कि पहले से भी आठ लाख रुपये के सिक्के मंदिर समिति के कार्यालय में पड़े हुए हैं. सुनील माथुर ने बक्से की पेटी दिखाते हुए कहा कि बक्सा में सिर्फ 1, 2, 5 और दस के सिक्के पड़े हुए हैं. बैंक भी सिक्का लेने से इनकार कर देता है. ऐसे में सिक्कों को कहां खपाया जाये, यह मजबूरी बनी रही है. उन्होंने प्रशासन से भी इस समस्या के निदान में सहयोग करने का आग्रह किया.

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क्या कहते हैं श्रद्धालु

श्रद्धालु निशा सिंह ने कहा कि दान का मतलब यही होता है कि इसे मंदिर के विकास कार्य में लगाया जाये, न कि सड़ा-गला कर इसे बर्बाद कर दिया जाये. भक्त श्रद्धापूर्वक दान करते हैं, इस बात को मंदिर समिति और प्रशासन को समझना चाहिए. मंदिर का विकास होगा, राज्य की शोभा भी बढ़ेगी. दान की राशि को अच्छे काम जैसे धर्मशाला, प्याऊ आदि बनवाने में करना चाहिए.

बाबा भोलेनाथ के दर्शन की इच्छा लिये पहाड़ी मंदिर पहुंचे जर्मन पर्यटक

राजधानी रांची स्थित पहाड़ी मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन की आस लिये राज्य, देश भर के श्रद्धालु तो पहुंचते ही है, श्रद्धालुओं में विदेशी पर्यटक भी शामिल होते हैं. बुधवार को जर्मनी से दर्जनों पर्यटक पहाड़ी मंदिर बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे. स्थानीय गाइड एंथनी लकड़ा के सहायोग से इन सैलानियों ने पहाड़ी मंदिर में बाबा भोलेनाथ के दर्शन किये. हिंदी नहीं आने की वजह से वे कुछ बोल पाने में असर्मथ थे. पहाड़ी मंदिर का इतिहास तो पुराना है ही, कई मायनों में यह मंदिर अलग और खास भी है. पहला तो यह मंदिर पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, वहीं यहां एक पौराणिक नाग गुफा भी है और इस मंदिर को देखने दूरदराज के ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के सैलानी भी आते रहते हैं. एक तरफ जहां श्रावण माह के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा भोले के दर्शन करने पहुंचते हैं, वहीं सामान्य दिनों में भी हजारों श्रद्धालु यहां मत्था टेकने आते हैं.

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विरोध में उतरे श्रद्धालु

पहाड़ी मंदिर में दान किये गये नोटों के सड़ने की खबर सुनने के बाद कई श्रद्धालुओं ने इसके प्रति विरोध जाहिर किया. अल्बर्ट एक्का चौक पर सभी श्रद्धालुओं ने अपना आक्रोश दिखाया. साथ ही, श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की.

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