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ऑक्सफेम इंडिया के CEO अमिताभ बेहर ने कहा- एसडीजी को संपूर्णता में लागू करना जरूरी

एसडीजी के लक्ष्य हासिल करने के लिए बड़े बदलाव की जरूरत

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Ranchi : विकास की दौड़ में कोई पीछे ना छूट जाए, यही एसडीजी का उद्देश्य है. दुनिया के सभी देशों को यह सुनिश्चित करना है कि एसडीजी के 17 लक्ष्य संपूर्णता में लागू हों. यह बात गुरुवार को ऑक्सफेम इंडिया के सीईओ अमिताभ बेहर ने कही. उन्होंने झारखंड में एसडीजी पर दो दिवसीय राज्यस्तरीय संवाद में उक्त बातें कही. यह कार्यक्रम गुरुवार को कांके रोड स्थित विश्वा में प्रारंभ हुआ.

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एसडीजी के लक्ष्य हासिल करने के लिए बड़े बदलाव की जरूरत

कार्यक्रम के दौरान बेहर ने कहा कि एसडीजी के लक्ष्य हासिल करने के लिए बड़े बदलाव की जरूरत है. एसडीजी के 17 लक्ष्य तभी पूरे हो सकेंगे, जब नीति निर्माताओं द्वारा अपनी योजनाओं में इसे समग्र तौर पर रखने की कोशिश होगी. उन्होंने कहा कि पुरानी योजनाओं के फ्रेम में एसडीजी को सीमित करना और कुछ लक्ष्यों को नजरअंदाज करना गलत होगा. सिविल सोसाइटी का दायित्व है कि देश और सभी राज्यों में एसडीजी का संपूर्णता में कार्यान्वयन करने की एडवोकेसी और मॉनिटरिंग करें.

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एसडीजी संबंधी जागरूकता पर दिया गया बल

विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रमेश शरण ने झारखंड की पंचायतों और स्कूल, कॉलेज में एसडीजी संबंधी जागरूकता पर बल दिया. डब्ल्यूएचएच की कंट्री डायरेक्टर (इंडिया) निवेदिता वार्ष्णेय ने एसडीजी के अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य की चर्चा करते हुए भारत में इसके कार्यान्वयन की चुनौती पर प्रकाश डाला. प्रारंभ में सस्मिता जेना तथा एके सिंह ने कार्यक्रम की विषयवस्तु पर प्रकाश डाला. बलराम ने सत्र का संचालन किया. डॉ प्रशांत त्रिपाठी ने रोचक कथा शैली में एसडीजी लक्ष्यों की जानकारी दी. डॉ विष्णु राजगढ़िया, राजपाल और कल्लोल साहा ने झारखंड में एसडीजी के कार्यान्वयन की स्थिति पर प्रकाश डाला. इस सत्र का संचालन मधुकर ने किया.

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विश्व में सतत विकास के लिए 17 लक्ष्य निर्धारित

इस संवाद में राज्य के विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ ही अन्य राज्यों के अतिथि शामिल हुए. यह आयोजन झारखंड एसडीजी मिशन, डब्ल्यूएचएच तथा अन्य संस्थाओं ने किया. उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र के देशों द्वारा वर्ष 2015 से 2030 तक विश्व में सतत विकास के लिए 17 लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं. सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल को झारखंड में लोकप्रिय बनाने तथा विभिन्न विकास योजनाओं में इन्हें ध्यान रखने की रणनीति बनाने पर चर्चा हुई. इसमें एसडीजी के लक्ष्य एक से छह तक पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया. इसमें गरीबी उन्मूलन, भुखमरी का खात्मा, बेहतर स्वास्थ्य, उन्नत शिक्षा, लैंगिक समानता और पेयजल व स्वच्छता शामिल है. द्वितीय सत्र में विभिन्न ग्रुप में एसडीजी के लक्ष्यों को झारखंड में हासिल करने पर चर्चा की गई. शुक्रवार को आयोजन के दूसरे दिन रिपोर्ट पेश की जाएगी. और राज्य के मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त श्री डीके तिवारी की उपस्थिति में एसडीजी पर अनुशंसा प्रस्तुत की जाएगी.

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