Opinion

ग्राम पंचायतों में टैक्स व्यवस्था को मजबूत करने में मददगार साबित हो सकती है केंद्र की स्वामित्व योजना

Kumar Sanjay

केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा हाल ही में शुरू की गयी ‘स्वामित्व योजना’ जिसमें कि भारत के प्रत्येक परिवार को उनके मालिकाना हक से संबंधित संपत्ति का ‘प्रॉपर्टी कार्ड’ दिया जायेगा जिससे कि उन्हें उनकी जमीन और संपत्ति से संबंधित मालिकाना हक और उनके उपभोग से संबंधित समस्याओं का बहुत हद तक समाधान संभव हो पायेगा.

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना के नियोजन और क्रियान्वयन के दौरान राज्यों में पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने में बहुत ही मदद मिलेगी. या यूं कहिए कि प्रथम दृष्ट्या पंचायत स्तर पर उनकी टैक्स व्यवस्था में काफी सुधार की गुंजाइश होगी. साथ ही ‘ग्राम पंचायत विकास योजना’ को जमीन पर लागू करने में भी मदद मिलेगी.

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इस योजना से ग्रामीण लोगों को जो प्रॉपर्टी कार्ड दिया जायेगा वे इसका इस्तेमाल अपनी बेहतरी के लिए कर पाएंगे.  मसलन, प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद और कानूनी मामलों में कमी आने के साथ-साथ उन्हे बैंक से लोन लेने में भी बहुत सुविधा मिलेगी. इस योजना के द्वारा ‘सर्वे इन्फ्रस्ट्रक्चर और जीआईएस मैप्स’ भी तैयार होंगे.  प्लानिंग के लिए सटीक लैंड रेकॉर्ड्स उपलब्ध हो पाएंगे. प्रॉपर्टी टैक्स तय करना आसान हो पाएगा. कुल मिलाकर ग्रामीण भारत में वित्तीय स्थिरता लाने में विशेष उपाय संभव हो पायेंगे.

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सबसे जरूरी आवश्यकता इस बात की है कि पंचायतों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में लगे लोगों, संस्थाओं, समूहों और विशेषज्ञ पंचायत स्तर पर काम करने में मदद मिलेगी. आय के स्रोतों की बढ़ोतरी कराने में मदद देनी मिलेगी. और स्वामित्व योजना इस कड़ी में प्रमुख हस्तक्षेप साबित हो सकती है. क्योंकि आर्थिक रूप से सक्षम पंचायत के द्वारा ही वंचित समुदाय की प्रगति संभव है.

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