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वेतन अनियमितता के खिलाफ आंदोलन करेंगे दुमका के आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मी

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Dumka: रविवार को चिकित्सा संघ के बैनर तले आउटसोर्सिंग कर्मियों की बैठक हुई. काजल कुमार बागची की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में आउटसोर्सिंग कर्मियों की समस्याओं पर चर्चा की गयी. मौके पर जिला सचिव राजीव नयन तिवारी ने कहा कि सभी कर्मियों के द्वारा अपना काम निष्ठा पूर्वक किया जा रहा है. फिर भी इन्हें समय पर वेतन-मानदेय का भुगतान नहीं होता है. पांच-छह महीने काम करने पर एक दो महीने का ही वेतन दिया जाता है. आउटसोर्सिंग कर्मियों को यह नहीं पता कि उनका वेतन-मानदेय क्या है और NGO से पूछने पर वे बताते भी नहीं हैं. सिविल सर्जन से पूछने पर भी वह इसकी जानकारी नहीं देते हैं.  पीएफ (PF) में सभी कर्मियों की कटौती होती है. लेकिन इसका किसी कर्मचारी के पास कोई प्रमाण नहीं है. एक ही पद के लिए दुमका जिला के अलग-अलग प्रखंडो में अलग-अलग वेतन-मानदेय दिया जाता है. कर्मियों को NGO के द्वारा बाध्य किया जाता है कि आकस्मिक अवकाश का कोई प्रावधान नहीं है और कहा जाता है कि 365 दिन काम करना है. बैठक में आने से मना किया जाता है और नौकरी से भी बाहर निकालने की धमकी दी जाती है.

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समान वेतन की जगह मिलती है प्रताड़ना

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श्री तिवारी ने कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक है. चिकिसा संघ के सचिव कैलाश प्रसाद साहू ने कहा कि समय पर वेतन आदि नहीं मिलने से कर्मियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. न्यायालय का आदेश है कि कर्मियों को समान काम का समान वेतन मिलना चाहिये. लेकिन इन्हें तरह-तरह से शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है. बैठक में चिकित्सा संघ के अध्यक्ष तपन कुमार ठाकुर, संयुक्त सचिव नित्यानद सिंह, अशोक कुमार, बबलू मरांडी, विष्‍णु मरांडी, प्रमोद कुमार मंडल, देवबेंदू बक्सी, तारा लायक, राजेश मरांडी, सुबल यादव, अंकित कुमार, उषा टुडू, रवीना बीबी, जोत्सना सोरेन, रोजलिन बास्की, निलमुनी हांसदा, एजाज अहमद, तौसिफ अंसारी, जसीम रजाक, प्रवीन कुमार, वरुण कुमार आदि उपस्थित थे.

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