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धनबाद : सुरक्षा नियमों को ताक पर रख बनाये गये ओबी डंप, निगरानी के लिए कोई उपकरण भी नहीं

Dhanbad : एमसीएल की भरतपुर परियोजना में बुधवार को डंप स्लाइड की घटना में चार लोगों की मौत हो जाने से कोयला क्षेत्र में उत्खनन करने वाली कंपनियों के सुरक्षा मानकों पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है. भरतपुर के ओसीपी में हुई इस दुर्घटना के बाद बीसीसीएल प्रबंधन के भी होश उड़े हुए हैं.

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ज्यादातर इलाके आग और भूधंसान प्रभावित

बीसीसीएल के लिए कोयला उत्खनन के लिए निजी आउटसोर्सिंग कम्पनियों द्वारा चलायी जा रही है खुली परियोजनाएं ज्यादातर अग्निप्रभावित भूधसान वाले क्षेत्र में है. इन क्षेत्रो में बरसात के कारण भूधंसान और डंप स्लाइड का खतरा बढ़ जाता है.

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ऐसे एमसीएल के भरतपुर परियोजना में हुए डंप स्लाइड के बाद बीसीसीएल प्रबंधन की भी कुम्भकर्णी नींद खुल गयी है और जल्दबाजी में कंपनी के जीएम सेफ्टी ने बीसीसीएल के सभी आउटसोर्सिंग द्वारा किये जा रहे डंप स्थलों की निगरानी का आदेश जारी किया है.

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निर्देश के बाद भी ओबी डम्पों की निगरानी नहीं

बीसीसीएल के कई क्षेत्रों में किये जा रहे कोयला उत्खनन के दौरान आउटसोर्सिंग कंपनियों द्वारा कई ओबी डंप बना दिये गये हैं जिनमें ज्यादातर ओबी डंप वैसे क्षेत्र में हैं जहां से मुख्य सड़क महज आठ से दस मीटर की दूरी पर है और इनकी दूरी के हिसाब से कभी ये डंप बारिश के कारण भूधंसान के कारण अपने जगह से खिसकते है तो बड़ा हादसा हो सकता है. ऐसे में ये ओबी डंप धनबाद वासियों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं.

स्लोप स्टेबिलिटी मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग करने को कहा था

खान सुरक्षा मानक निर्धारित करने वाली देश की सबसे बड़ी संस्था खान सुरक्षा महानिदेशालय धनबाद ने वर्ष 2016 में ललमटिया खान हादसे के बाद कोयला उत्खनन करने वाली कंपनियों को स्लोप स्टेबिलिटी मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग करने का निर्देश जारी किया था .

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इस तकनीक में उपयोग किये जाने वाली मशीन से ओबी डंप की निगरानी लेजर के माध्यम से की जाती है जिससे डंप की गतिविधियों का पता चलता रहता है. इससे किसी हादसे को सतर्कता से टाला जा सकता है.

लेकिन न्यूज विंग की पड़ताल में सामने आया कि अब भी इस सिस्टम का उपयोग धनबाद में कोयला उत्खनन करने वाली कोई भी कंपनी नहीं कर रही है. कई कम्पनियों के पास यह उपकरण है भी नहीं.

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