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बीसीसीएल के लिए कोयला उत्खनन कर रही आउटसोर्सिंग कंपनियां ओवरबर्डेन के नाम पर कर रही हैं घोटाला

Dhanbad: धनबाद में कोयला उत्खनन कर रही निजी आउटसोर्सिंग कंपनियां बीसीसीएल को ओवरबर्डेन के नाम पर अब तक करोड़ों रुपये की राशि का चूना लगा चुकी हैं. मामला सामने आने के बावजूद अब भी ओवरबर्डेन का यह  खेल बदस्तूर जारी है. एक और निजी कंपनियां कोयला उत्खनन के लिए कम्पनी से तय मानक के अनुसार राशि की वसूली करती हैं, तो दूसरी तरफ कोयला उत्खनन से पहले कोयले के ऊपर की मिट्टी हटाने के लिए भी राशि की वसूली कर रही हैं. इन कम्पनियों की चांदी तब हो जाती है जब बीसीसीएल के कई कनीय अधिकारी इनके ओवरबर्डन हटाने को लेकर ओवर रिपोर्टिंग करते हैं. फिलहाल ओवरबर्डेन की ओवर रिपोर्टिंग को लेकर कई मामलों में जांच एजेंसियां जांच भी कर रही हैं.

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मानक की धज्जियां उड़ा रही हैं निजी आउटसोर्सिंग कंपनियां

धनबाद में बीसीसीएल के अधीन चलने वाली अधिकांश आउटसोर्सिंग कंपनियां कोयला उत्खनन के दौरान ओबी हटाने के नियम को ताक पर रख कर उत्खनन कर रही हैं. नियम के अनुसार चार क्यूबिक मीटर ओवरबर्डेन हटाने के बाद एक क्यूबिक कोयले का उत्पादन होना चाहिए. लेकिन पूर्व में आउटसोर्सिग कंपनियों ने सोलह क्यूबिक ओवरबर्डेन की खुदाई कर मात्र एक क्यूबिक कोयला का ही उत्पादन कर बीसीसीएल से राशि का भुगतान ले लिया.

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कोयला उत्खनन से पूर्व मिट्टी की खुदाई का कार्य आसानी से होता है और खर्च भी कम लगता है जिसके कारण बीसीसीएल में करीब आधा दर्जन ऐसी आउटसोर्सिग कंपनियां हैं, जो मिट्टी-पत्थर खुदाई के बाद कोई न कोई बहाना कर बीच में ही काम छोड़ कर भाग गयीं. जानकारों की अगर राय मानें तो आउटसोर्सिंग कंपनियों के लिए ओवरबर्डेन की खुदाई करना आसान है, क्योंकि इसे ऊपरी परत से हटाना होता है,  इसके बाद ओपन कास्ट होता है जहां से खनन कर कोयला निकाला जाता है. चूंकि कोयला अधिक गहराई में होता है, इस कारण उसे खनन कर ऊपर लाना अधिक खर्चीला है. इस कारण ठेका कंपनियां सिर्फ ओवरबर्डेन निकालने में ही रहती हैं.

फिलहाल धनबाद में कई ऐसी कंपनियां हैं जो बीसीसीएल के लिए कोयला उत्खनन का कार्य करने तो आयीं लेकिन वह अपना काम बीच में छोड़ कर चली गयीं. दामोदा में साइली क्रशर जहां चालीस प्रतिशत ही काम कर कंपनी ने काम छोड़ दिया. बेनीराम आउटसोर्सिग कंपनी ने ब्लॉक टू कालीमंदिर पैच में बीस प्रतिशत ही काम किया. आरके ट्रांसपोर्टर का तो उत्पादन ही शुरू नहीं हो सका. एनटीएसटी(नार्थ तिसरा साउथ तिसरा) में साईंश्री नामक आउटसोर्सिग कंपनी ने तीस प्रतिशत काम कर बंद कर दिया, जहां बीजीआर नामक आउटसोर्सिंग कंपनी कार्य कर रही है.

बीसीसीएल के क्षेत्रीय स्तर के अधिकारी की भी संलिप्ता के मामले भी आते रहे हैं सामने

बीसीसीएल के झरिया क्षेत्र में कई आउटसोर्सिंग कंपनियां ऐसी हैं जो पूर्व की कंपनी द्वारा निकाल कर जमा किये गये ओवरबर्डेन को अब हटा कर कार्य कर रही हैं. यानी एक कंपनी द्वारा पहले ओवरबर्डेन निकाला जाता है, उसके बाद जब वह कंपनी किसी कारणवश कार्य छोड़ देती है तो दूसरी कंपनी द्वारा उसके जमा किये गये ओवरबर्डेन को  कोयला उत्खनन के लिए फिर दूसरे जगह इकट्ठा किया जाता है. इस तरह का खेल अब भी बदस्तूर जारी है.

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