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समाज कल्याण विभाग के ओएसडी ने तीन माह पहले कार्यकाल के विस्तार पर लगवा ली मुहर

मई में समाप्त हो रहा है राम प्रवेश प्रसाद का कार्यकाल दो वर्ष पहले 2017 में बने थे ओएसडी

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Ranchi: महिला और बाल विकास विभाग के ओएसडी (विशेष कार्यपालक पदाधिकारी) राम प्रवेश प्रसाद ने कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही एक वर्ष का एक्सटेंशन ले लिया है. इस पर विभागीय मंत्री डॉ लुईस मरांडी की सहमति भी ले ली गयी है.

श्री प्रसाद मई 2017 में सेवानिवृति के बाद विभाग में ओएसडी बनाये गये थे. इनका कार्यकाल मई माह में समाप्त हो रहा है. कार्यकाल समाप्त होने के पहले ही इन्होंने एक वर्ष का एक्टेंशन लेने की संचिका पर फरवरी के अंतिम सप्ताह में सारी औपचारिकताएं पूरी करा लीं.

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विभागीय सूत्रों का कहना है कि विभाग की तरफ से इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गयी है. क्योंकि आदर्श आचार संहिता के लागू होने की वजह से नोटिफिकेशन जारी करने की प्रक्रिया जान बूझ कर पूरी नहीं की गयी.

अधिसूचना जारी करने के लिए अब राज्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से अनुमति लेनी होगी.

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वित्तीय कार्यों को देखते हैं

श्री प्रसाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) स्तर के अधिकारी थे. इन्होंने अपनी प्रतिनियुक्ति महिला और बाल विकास विभाग में करायी थी. इसके बाद ये मई 2017 में सेवानिवृत हुए. विभागीय मंत्री और सचिव के करीबी रहने की वजह से इन्हें विशेष कार्य पदाधिकारी बनाया गया.

ओएसडी के रूप में ये सभी तरह के वित्तीय मामलों का निबटारा करते हैं. जानकारी के अनुसार, किसी भी सेवानिवृत कर्मी से वित्तीय मामलों पर सलाह ली जा सकती है.

लेकिन फाइलों पर किसी तरह की टिप्पणी लेना अथवा राय-मशविरा लेना नियमसंगत नहीं है. बावजूद इसके ओएसडी सभी संचिकाओं पर वित्तीय सहमति प्रदान करते हैं.

इतना ही नहीं समाज कल्याण विभाग की एजेंसियों का भुगतान और आवंटन इनके कहने पर ही किया जाता है.

क्या कहते हैं ओएसडी

ओएसडी श्री प्रसाद पूरे प्रकरण में अपने आप को पाक साफ बताते हैं. उनका कहना है कि सरकारी कार्यप्रणाली में ओएसडी भी महत्वपूर्ण पद होता है.

उन्होंने कहा है कि जहां तक एक्सटेंशन की बात है, तो विभागीय मंत्री और सचिव की सहमति से ही फाइल बढ़ायी गयी थी. इसकी अधिसूचना जारी नहीं हो सकी है.

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