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जी हिंदुस्तान चैनल पर आठ सप्ताह में कार्रवाई करने का आदेश, मानवाधिकार आयोग ने सूचना प्रसारण मंत्रालय से कहा

आमया की ओर से मानवाधिकार आयोग में की गयी थी शिकायत

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Ranchi:  नेशनल चैनल जी हिंदुस्तान में प्रसारित होनेवाले आज के एजेंडा कार्यक्रम में रोक लगाने के लिए आमया संगठन की ओर से मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज की गयी. आमया की ओर से 27 जुलाई 2018 को इस संबध में आयोग को पत्र लिखा गया.

जिस पर मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को जी हिंदूस्तान पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है. आयोग की ओर से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पत्र 24 अप्रैल को लिखी गयी. जिसमें उचित कार्रवाई करने के लिए आठ माह का समय दिया गया है.

आमया की ओर से मानवाधिकार आयोग के साथ-साथ प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, गृह मंत्री, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री को भी लिखी गयी थी.

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अल्पसंख्यक मुद्दों पर चर्चा की गयी

चैनल के उक्त कार्यक्रम में मुस्लिम समाज के विभिन्न मुद्दों पर लाइव डिबेट किया जाता रहा है. जिसमें तीन तलाक, बहु विवाह, हलाला, धर्म परिवर्तन, शरीयत लागू करना, नमाज नहीं पढ़ना समेत अन्य मामलें हैं.

आमया की ओर से लिखे पत्र में यह कहा गया है कि भारतीय मुस्लिमों के धर्म, आस्थाओं और मान्यताओं को चैनल तोड़ मरोड़ कर पेश कर रही है. इससे सिर्फ देश के मुस्लिमों की छवि खराब हो रही. वहीं भारी संख्या में निवास करने वाले मुस्लिम खुद को आहत महसूस कर रहे है.

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एससी में मामला विचाराधीन है

इस संबंध में आमया के केंद्रीय अध्यक्ष शमीम अली ने जानकारी दी कि चैनल में सीरिज के रूप में अल्पसंख्यकों की मान्यताओं पर लाइव डिबेट कराया जाता है. जबकि सर्वोच्च न्यायालय की ओर से पूर्व में इन मामलों में आदेश दिया जा चुका है.

ऐसे में समय-समय पर चैनल की ओर से एक विशेष समुदाय के लिए इस तरह का लाइव डिबेट कराना, आहत करने योग्य है.

जबकि राष्ट्रीय चैनल होते हुए चैनल को इस तरह तथ्यों को पेश नहीं करना चाहिए. इससे सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम समाज की छवि खराब हो रही है.

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