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डीटीओ का आदेश, बच्चों को ऑटो से स्कूल न भेजें, दूसरा एरेंजमेंट करें, अभिभावक हलकान

राजधानी में हैं 150 से अधिक निजी स्कूल, 30 प्रतिशत बच्चे ऑटो से करते हैं आना-जाना,

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 Ranchi : जिला प्रशासन के आदेश से निजी स्कूलों में पढ़नेवाले बच्चों की परेशानियां बढ़ गयी हैं. स्कूलों में तिपहिया वाहनों (ऑटो) की इंट्री पर रोक लगा दी गयी है. राजधानी के सभी स्कूल प्रबंधन को जिला प्रशासन का यह आदेश ताकीद कर दिया गया है. नतीजतन सभी स्कूलों ने अभिभावकों को एसएमएस भेज कर यह आदेश दिया है कि यदि उनका बच्चा ऑटो से स्कूल आता है, तो अब वे अपने बच्चों को खुद के वाहन से स्कूल लायें और ले जायें. स्कूल प्रबंधन ने जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) संजीव कुमार का हवाला देते हुए यह मेसेज दिया है.

बताते चलें कि रांची में 150 से अधिक निजी स्कूल हैं, जहां 70 हजार से अधिक बच्चे पढ़ते हैं. अधिकतर स्कूलों से पांच किलोमीटर से कम की दूरी पर रहनेवाले अभिभावकों ने अपने बच्चों को ऑटो के जरिये ही स्कूलों तक पहुंचाने और वापस लाने की व्यवस्था कर रखी है. स्कूलों में पढ़नेवाले कुल बच्चों की संख्या में से 30 प्रतिशत बच्चे ऑटो से ही स्कूल आना-जाना करते हैं.

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स्कूलों द्वारा कहा गया है कि ऑटो स्कूलों में अब एलाउड नहीं हैं

अभिभावकों को ऑटो से बच्चों को लाने- ले जाने के लिए 500 रुपये से 800 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे. अब नये आदेश से अभिभावकों की ही यह जवाबदेही होगी कि वे अपने बच्चों को स्कूल तक लायें और वापस घर पहुंचायें. स्कूल प्रबंधन अपनी जवाबदेही से बचते हुए सारी जिम्मेवारी अभिभावकों पर थोप रहे हैं. स्कूलों द्वारा कहा गया है कि ऑटो स्कूलों में अब एलाउड नहीं हैं. अभिभावक अब दूसरा एरेंजमेंट अपने बच्चों के लिए करें. रांची में सीबीएसइ से संबद्ध 55 से अधिक स्कूल हैं, जबकि आइसीएसइ से संबद्ध 40 से अधिक स्कूल हैं. इतना ही नहीं अन्य ऐसे स्कूल भी चल रहे हैं, जिन्होंने  सीबीएसई और आइसीएसई से संबद्धता लेने का आवेदन दे रखा है.

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क्या कहता है जिला प्रशासन

जिला प्रशासन के अनुसार झारखंड शिक्षा न्यायाधीकरण (जेट) और सर्वोच्च न्यायालय ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कार-जीप और छोटी बसों को चलाने का आदेश दे रखा है. जेट और उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि कार, जीप और छोटी बसों में सीटों की उपलब्धता के हिसाब से ही बच्चों को बैठाया जाये. इतना ही नहीं सभी वाहनों की खिड़कियों में लोहे की जालियां लगायी जायें.

ऐसे में ऑटो में ऐसे सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होता है और वे सुरक्षा के दृष्टिकोण से अनुकूल नहीं हैं. जिला प्रशासन ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बैठक करने के बाद यह आदेश दिया है. इसका सख्ती से अनुपालन करने की हिदायतें सभी स्कूलों को दी गयी हैं.

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