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जमाबंदी रद्द करने का आदेश, फिर भी सीओ की पत्नी ने खरीद ली जमीन

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Pravin Kumar

Ranchi: रांची में अवैध जमीन की खरीद-बिक्री का धंधा जोरों पर है. विवदित भूमि के खरीदार सिर्फ आम ही नहीं खास भी हैं. यहीं नहीं जिनपर सरकारी जमीन की हिफाजत करने की जिम्मेवारी सौंपी गई है, वे ही इसका बेजा इस्तेमाल करने लगे. दिलचस्प बात यह है कि पुंदाग मौजा की विवादित भूमि के खरीदार अंचल अधिकारी की पत्नी भी है. इस सीओ का नाम झुनु मिश्रा है.

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रांची राजधानी बनते ही जमीन की कीमत यहां आसमान छूने लगी, जिसका बिचौलिया और दलालों ने भी भरपूर लाभ उठाया. शहर में जब सीएनटी फ्री जमीन खत्म हो गई, जमीन कारोबारियों की नजर गैरमजरूआ जमीन पर पड़ी. इसके लिए राजस्व कर्मियों की सांठगांठ से गैरमजरूआ जमीन की बंदोबस्ती करने का अवैध खेल शुरू हो गया. जिसका बड़ा उदाहरण नगड़ी अंचल का पुंदाग मौजा ही है. जिसकी खाता संख्या 383, प्लांट संख्या 462 रकबा है. 7 एकड़ 31 डिसमिल जमीन दलालों ने राजस्व कर्मियों की सांठगांठ से बंदोबस्ती कर प्लॉटिंग कर बेचने में लगे हैं.

सीओ की पत्नी के नाम से किस जमीन की हुई खरीददारी

सीओ झुनु मिश्रा ने अपनी पत्नी के नाम पर जिस जमीन की खरीददारी की है. उस जमीन के दस्तावेज में छेड़छाड़ की बात सामने आ चुकी है. यह जमीन गैरमजरूआ खास भूमि के रूप में दर्ज है. जिसका कबूलियत निबंधन संख्या 4232 दिनांक 03.10.1940 के रूप में दर्ज दिखाया गया है. और यह भूमि जमींदार बड़ालाल कर्पनाथ शाहदेव के द्वारा देवकी नन्दन शर्मा को हस्तांतरित दिखाया गया है. इसके बाद निबंधित दानपत्र संख्या 3043 दिनांक 18.04.1963 के द्वारा भूमि को देवकी नन्दन शर्मा के द्वारा केशव नारायण शर्मा के पक्ष में हस्तांरित दिखाया गया है. इस भूमि की ऑनलाइन पंजी टू में खाता संख्या 383, प्लॉट संख्या 462 में दो प्रविष्टि दर्ज कर दी गई है. इसमें अनिता शर्मा के नाम 5 एकड़ और भोन्दू महतो के नाम 2 एकड 31 डिसमिल जमीन दर्ज है. इसमें कुल भूमि खाता संख्या 383, प्लॉट संख्या 462 रकबा 7 एकड़ 31 डिसमिल है.

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अनिता शर्मा की जाति ही दर्ज नहीं

दस्तावेज में प्लॉट संख्या 462 के जो दो प्रविष्टि है, उनमें अनिता शर्मा की जाति दर्ज नहीं है. वही महतो जो विशेषकर कुड़मी समुदाय के द्वारा सरनेम लिखा जाता है, उनकी जमीन सीएनटी के अंतगर्त आती है ऐसे में भोन्दू महतो की जाति तेली दिखाना कई संदेह को जन्म देता है. जिस जमीन की खरीददारी सीओ की पत्नी अंशु मिश्रा ने की है. उस भूमि को वर्तमान पंजी टू में रैयत अनिता शर्मा द्वारा विक्रय पत्र संख्या 1358 दिनांक 22.03.2017 और 06.04.2017 के माध्यम से 5-5 डी. खरीद की गई है.

कैसे आया था मामला सामने

रांची के तत्कालीन उपायुक्त को गैरमजरूआ भूमि की खरीद-बिक्री की शिकायत मिली थी. शिकायत में कहा गया था कि वर्ष 1945 के आधार पर कई लोग सीओ कार्यालय से जमीन का म्यूटेशन कराकर, कुछ सालों बाद उसी दस्तावेज के आधार पर रजिस्ट्री करा रहे हैं. इसके बाद जांच के आदेश दिये गये थे. सरकार के द्वारा जांच में प्रमाणित हो चुका है कि नगड़ी अंचल के पुंदाग मौजा के खाता संख्या 383 की गैरमजरूआ जमीन की दलालों और राजस्वकर्मियों ने मिलकर अवैध बंदोबस्ती कर ली थी.

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जमाबंदी रद्द करने के आदेश के बाद भी खरीदी जमीन

जिस गैरमजरूआ जमीन की जमाबंदी एवं नामांतरण रद्द करने का आदेश सरकार के सचिव ने दिया था. उसके खरीदार अंचल अधिकारी की पत्नी भी है. सरकार ने भी माना अंचल अधिकारी झुनु मिश्रा की पत्नी के नाम पर विवादित भूमि नगड़ी अंचल के पुंदाग मौज के खाता संख्या 383 में खरीद की है. खाता संख्या 383 में 165 व्यक्तियों के नाम से हुई जमाबंदी को अवैध करार दिया है. खाता संख्या 383 के प्लॉट नं. 96,100,483,492,496,1615,2148 के भू-मालिकों के द्वारा उच्च न्यायालय में चले जाने के कारण मामला लंबित है. लेकिन अन्य लोगों के विरोध में विभाग के द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई न होना बड़े प्रश्न खड़े करता है.

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